भारतीय संविधान में भीड़ के द्वारा की गई हिंसा के लिए कोई कानून नहीं बनाया गया था। इसका फायदा उठाकर भारत में कई वारदातों को भीड़ ने अंजाम दिया। भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के मुताबिक भारत की सबसे बड़ी मॉब लिंचिंग साल 1984 में हुई थी। जबकि कांग्रेस व अन्य विपक्षी पार्टियों के मुताबिक नरेंद्र मोदी सरकार में मॉब लिंचिंग की घटनाएं बढ़ गई हैं। हालांकि मॉब लिंचिंग का इंतिहास पुराना है। साल 1947 में जब हिन्दुस्तान को आजादी मिली और देश के दो टुकड़े हुए, भारत और पाकिस्तान, तब भी भीड़ ने कइयों को मौत के घाट उतार दिया था। तब उसे दंगे का नाम दिया गया था। लेकिन कई जगहों पर भारी मॉब लिंचिंग हुई थी। Read More
महाराष्ट्र के पालघर में दो साधुओं की भीड़ हिंसा में मौत होने की घटना पर गहरा दुख प्रकट करते हुये भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के राष्ट्रीय सचिव अतुल कुमार अंजान ने भीड़ हिंसा में मौत होने के मामलों में सजा-ए-मौत का प्रावधान करना वक्त की मांग है। ...
Palghar mob lynching Case: 16 अप्रैल की रात तीन व्यक्ति (दो साधु और एक ड्राइवर) मुंबई के कांदीवली से कार में सवार होकर गुजरात के सूरत जा रहे थे। इसी दौरान, पालघर जिले में भीड़ ने इन्हें चोर समझकर उनके वाहन को रोक लिया और उनकी पीट-पीट कर हत्या कर दी। ...
Palghar Mob Lynching Case:यह घटना उस समय हुई, जब गुरुवार रात दो साधु सहित तीन लोग मुंबई के कांदीवली से कार में सवार होकर गुजरात के सूरत जा रहे थे। इसी दौरान, पालघर जिले में भीड़ ने इन्हें चोर समझकर उनके वाहन को रोक लिया और उनकी पीट-पीटकर हत्या कर दी ...
हर तरफ पालघर मॉब लिंचिंग की चर्चा है. पालघर में दो संतों की भीड़ ने पीट-पीट कर हत्या कर दी थी. मुंबई में कांदिवली के रहने वाले तीन लोगों, 35 साल के सुशीलगिरि महाराज, महाराज कल्पवृक्षगिरि, और 30 साल के ड्राइवर निलेश तेलगाडे को पुलिस की मौजूदगी में ही ...
पालघर में साधुओं की हत्या के बाद संतों ने रोष प्रकट किया. सोशल मीडिया पर उन लोगों से सवाल पूछे जा रहे हैं जो इससे पहले की कई घटनाओं जैसे कि तबरेज अंसारी की लिंचिग की घटना के वक्त अभियान चलाया करते थे. सवाल पूछने वाले आम लोगों से लेकर पत्रकार तक हैं. ...
महाराष्ट्र के पालघर जिले में लॉकडाउन के दौरान तीन लोगों की पीट-पीटकर हत्या के बाद तेरा-मेरा शुरू हो गया है. पहले साप्रदायिक रंग देने की कोशिशें हुई जिसमें पानी डालने के लिए सीएम उद्धव ठाकरे दिन रात एक कर रहे है. महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ...
इस घटना की सामाजिक कार्यकर्ताओं और धार्मिक संगठनों ने भी निंदा की है। यह घटना कासा पुलिस थाना क्षेत्र में दाभाड़ी-खनवेल मार्ग पर गढ़चिंचले गांव के पास हुई थी। ...
Palghar Mob Lynching: महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने कहा कि पालघर की पूरी घटना में कुछ भी सांप्रदायिक नहीं है। मामले की जांच के लिए ADG CID क्राइम अतुलचंद्र कुलकर्णी को नियुक्त किया गया है। ...