मेघालय में कोयला खदान हादसों का सिलसिला वर्षो से चलता रहा है. रैट होल खनन की वजह से निदरेष मजदूर अक्सर जिंदा ही दफन होते रहे हैं और जब तक इस अमानवीय किस्म के कोयला खनन पर पूरी तरह रोक नहीं लग जाती, भविष्य में भी दफन होते रहेंगे. ...
पीठ ने टिप्पणी की कि खदान में फंसे मजदूरों को बचाने के लिये शुरू में कोई गंभीर प्रयास नहीं किये गये परंतु अब ऐसा लगता है कि प्राधिकारी प्रयास कर रहे हैं। ...
अधिकारियों ने बताया कि गोताखोर फिर से जल स्तर को मापेंगे जिसके बाद फंसे हुए खनिकों के लिए खोज एवं बचाव अभियान फिर से शुरू करने पर फैसला लिया जाएगा। ...
मेघालय की 370 फुट गहरी खदान में फंसे 15 मजदूरों को बचाने के लिए रविवार को शुरू हुए अभियान से कोई खास नतीजा नहीं निकल सका क्योंकि भारतीय नौसेना और एनडीआरएफ के गोताखोर खदान की तह तक नहीं पहुंच पाए। ...
खनिक 13 दिसंबर को पूर्वी जयंतिया हिल्स जिले के लुमथारी गांव के क्सान इलाके की एक खदान में नजदीकी लैतिन नदी का पानी भर जाने के बाद से अंदर फंसे हैं। ...
नौसेना एवं एनडीआरएफ के गोताखोरों की टीम मेघालय में कोयला खदान में फंसे 15 मजदूरों को निकालने के लिए शनिवार को खदान के भीतर उतरी, जहां उन्होंने वहां एकत्र हुए पानी के स्तर का पता लगाया. राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) के सहयाक कमांडेंट संतोष कुमार स ...
पुलिस अधीक्षक सिल्विस्टर मोंगटींगर ने बताया कि किर्लोस्कर ब्रदर्स लिमिटेड की दो टीम मदद के लिए बृस्पतिवार को यहां पहुंची । श्रमिक 370 फुट अवैध खदान में फंसे हुए हैं। ...