ममता बनर्जी भारतीय राज्य पश्चिम बंगाल की वर्तमान मुख्यमंत्री हैं। वह राजनैतिक दल तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख भी हैं। इस पार्टी की स्थापना 1997 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के विभाजन के बाद की गई थी। ममता बनर्जी का जन्म कोलकता में 5 जनवरी 1955 को हुआ था। उन्होंने बसंती देवी कॉलेज से स्नातक पूरा किया और जोगेश चंद्र चौधरी लॉ कॉलेज से कानून की डिग्री ली है। ममता बनर्जी लोकप्रिय रूप से “दीदी” के नाम से जानी जाती हैं। ममता बनर्जी कोयला मंत्री, मानव संसाधन विकास राज्य मंत्री, युवा मामले एवं खेल विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग और भारत सरकार के मंत्रालय में दो बार रेल मंत्री रह चुकी हैं। Read More
पश्चिम बंगाल के राज्यपाल जगदीप धनखड़ का राज्य में तृणमूल कांग्रेस सरकार के साथ कई मुद्दों पर टकराव चलता रहता है। उन्होंने कहा कि हालात ‘‘अप्रत्याशित और चुनौतीपूर्ण’’ हैं और जनप्रतिनिधियों को अपनी अंतरात्मा की आवाज सुननी चाहिए। ...
महाराष्ट्र की 288 सदस्यीय विधानसभा में बीजेपी-शिवसेना गठबंधन ने पिछले महीने हुए राज्य विधानसभा चुनाव में क्रमश: 105 और 56 सीटों के साथ स्पष्ट बहुमत हासिल किया था। हालांकि, शिवसेना की मुख्यमंत्री पद की मांग बीजेपी द्वारा ठुकराए जाने के बाद यह गठबंधन ट ...
यह फैसला जाहिर तौर पर भाजपा को शिकस्त देने की कोशिश है, क्योंकि भगवा खेमा नागरिकता संशोधन विधेयक को पारित करा कर उसे भुनाने की कोशिश में लगा हुआ है। यह विधेयक संसद के इसी सत्र में पेश किया जाएगा। ...
टीवी फुटेज में कुछ लोग मजूमदार मारपीट करते दिखाई देते हैं। भाजपा के वरिष्ठ नेता और करीमपुर विधानसभा उपचुनाव के उम्मीदवार जयप्रकाश मजूमदार ने तृणमूल के ‘‘गुंडों’’ को इसके लिए जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि जख्म भर जाएंगे लेकिन यह घटना ‘‘पश्चिम बंगाल में ...
बांग्लादेश की प्रधान मंत्री शेख हसीना शहर के ईडन गार्डन स्टेडियम में बांग्लादेश के खिलाफ प्रथम दिन/रात टेस्ट मैच का उद्घाटन करने के लिए एक दिन की यात्रा पर हैं। ...
राज्यपाल ने संवाददाताओं से कहा कि उनके बयानों पर या तो मुख्यमंत्री ममता बनर्जी खुद प्रतिक्रिया दें या फिर इस काम के लिए एक विशेष मंत्री की नियुक्ति करें। ...
राज्यपाल ने कहा, ‘‘सभी मंत्रियों को महज अपनी बॉस (बनर्जी) को खुश करने के लिए मेरे बयानों पर प्रतिक्रिया देनी बंद करनी चाहिए और उन्हें अपने विभागों पर ध्यान देना चाहिए।’’ ...
उन्होंने कहा, ‘‘ कोई आपकी नागरिकता छीनकर आपको शरणार्थी नहीं बना सकता है। धर्म के आधार पर कोई बंटवारा नहीं होगा।’’ पश्चिम बंगाल में एनआरसी लागू करने से पहले भाजपा को यह बताना चाहिए कि 14 लाख हिंदू और बंगालियों का नाम असम में एनआरसी सूची में क्यों नहीं ...