साल 2018 में मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनाव होने तय हुए हैं। यहां प्रमुख मुकाबला सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) में होगा। यहां कांग्रेस ने पहला कदम उठाते हुए वरिष्ठ नेता कमल नाथ को चुनाव प्रभारी बनाया है। Read More
कर्नाटक और गुजरात में हुई गलतियों को हम इस बार नहीं दोहराएंगे। उन्होंने कहा कि जनता हमारे साथ है।, एक-एक सीट पर हमारी नजर है। बैठक में शामिल होने आए कांग्रेस प्रत्याशियों को मतगणना के दिन सजग रहकर मतगणना स्थल पर पूरी तैयारी के साथ पहुंचने के टिप्स दि ...
भाजपा कार्यकर्ताओं ने भी हर आयोजन में इस नारे को खूब लगाया, मगर जैसे-जैसे प्रदेश में चुनावी गर्माहट बढ़ती गई, वैसे-वैसे यह नारा पीछे छूटता गया। जब चुनाव पूरे शवाब पर पहुंचा तो इस नारे से कार्यकर्ता तो क्या पदाधिकारी और नेता भी दूर होते गए। ...
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मतदान के बाद आज आयोजित कैबिनेट की बैठक में कहा कि भले ही हम मतदान के बाद नीतिगत फैसला नहीं कर सकते हैं लेकिन जो दैनंदिन कार्य हैं वे तो हमें करना ही चाहिए। ...
कांग्रेस नेता विवेक तन्खा ने एक दिसंबर को आयोग के समक्ष ईवीएम के सुरक्षा इंतजामों पर सवाल उठाये थे। तन्खा ने राज्य के सागर जिले में मतदान के दो दिन बाद ईवीएम मशीनें स्ट्रॉग रूम में जमा कराने की शिकायत की थी। ...
28 नवंबर को को प्रदेश भर में वोटिंग हुई थी। इससे पहले कर्मचारियों के लिए 18 नवंबर से पोस्टल बैलेट डालने का सिलसिला शुरू हुआ था और 4 हज़ार से ज़्यादा पुलिस कर्मचारी और अफसरों ने डाक मत पत्र डाले थे। ...
उल्लेखनीय है कि भाजपा को इस बार विधानसभा चुनाव में कांग्रेस से ज्यादा भीतरघात का सामना करना पड़ा। इसके अलावा अपने नेताओं ने भाजपा को छोड़कर कुछ स्थानों पर अन्य पार्टियों के साथ जाकर चुनाव लड़ा। ...
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ के निर्देश पर 6 दिसंबर को राजधानी में कांग्रेस के सभी 229 प्रत्याशी और उनके साथ उनके चुनाव में सक्रिय भागीदारी निभाने वाले दो सदस्यों को भी बुलाया गया है। ...