चन्द्रग्रहण उस खगोलीय घटना को कहते हैं जब चंद्रमा पृथ्वी से ठीक पीछे उसकी प्रच्छाया में चला जाता है। इस दौरान सूर्य, पृथ्वी और चन्द्रमा एक ही क्रम में लगभग सीधी रेखा में आ जाते हैं। विज्ञान के इतर हिन्दू धर्म में ज्योतिष शास्त्र की चन्द्रग्रहण की अपनी एक परिभाषा है जिसके अनुसार चंद्रमा के आगे राहु-केतु नाम की खगोलीय बिंदु बन जाती है। राहु-केतु ज्योतिष शास्त्र के मुताबिक छाया ग्रह हैं। इनके प्रभाव से व्यक्ति विशेष पर बुरा असर पड़ता है इसलिए शास्त्रों में ग्रहण से बचने के लिए विभिन्न उपाय दर्ज हैं। Read More
Lunar Eclipse 2020: साल का पहला चंद्र ग्रहण 10 जनवरी की रात 10.37 बजे से शुरू हुआ और 11 जनवरी की सुबह 2.44 मिनट पर खत्म हुआ. ये उपच्छाया ग्रहण था और इसलिए खास भी था. धार्मिक लिहाज से देखें तो इस ग्रहण का कोई खास प्रभाव नहीं पड़ने वाला है. ये उपच्छाया ...
साल 2020 का पहला चंद्रग्रहण 10 जनवरी को लगा था. यह ग्रहण रात 10 बजकर 37 मिनट से शुरू हुआ था और 11 जनवरी को सुबह 2 बजकर 42 मिनट पर खत्म हो गया. इस चंद्र ग्रहण की अवधि करीब 4 घंटे की थी. जब सूर्य और चंद्रमा के बीच पृथ्वी आ जाती है तो सूर्य की पूरी रोशन ...
Chandra Grahan 2020: आम मान्यताओं के अनुसार चंद्र ग्रहण का सूतक ग्रहण के 9 घंटे पहले शुरू होता है। वहीं, सूर्य ग्रहण का सूतक 12 घंटे पहले लग जाता है। हालांकि इस बार ऐसा नहीं है। ...
चन्द्र ग्रहण यानि चंद्रमा, पृथ्वी और सूर्य का एक लाइन में आ जाना। ऐसी स्थिति में पृथ्वी के कारण सूर्य की रोशनी चंद्रमा पर नहीं पड़ पाती है सिर्फ पृथ्वी की पूर्ण या आंशिक छाया चंद्रमा पर पड़ती है. धार्मिक मान्यातओं के अनुसार चंद्रग्रहण और सूर्यग्र ...
साल 2020 की शुरुआत होते ही सबसे पहला चंद्र ग्रहण आज यानी 10 जनवरी को लग रहा है। सूर्य, पृथ्वी और चंद्रमा की चाल इस वर्ष दुनियाभर के खगोल प्रेमियों को दो सूर्यग्रहणों और चार चंद्रग्रहणों समेत ग्रहण के 6 रोमांचक दृश्य दिखाएगी। ...