भगवान राम, विष्णु के अवतार मानें जाते हैं। ऐसे में सृष्टि के पालनहार और भगवान शिव में युद्ध, सुनने में थोड़ा अजीब जरूर लग सकता है मगर पुराणों में दोनों के बीच भीषण युद्ध की कथा सुनने को मिलती है। ...
हर महीने की त्रयोदशी तिथि को प्रदोष व्रत किया जाता है। प्रदोष व्रत में भगवान शिव की पूजा शाम के समय सूर्यास्त से 45 मिनट पहले और सूर्यास्त के 45 मिनट बाद तक की जाती है। ...
भगवान शिव की पूजा के लिए सोमवार को भक्त पूरी श्रद्धा के साथ उपासना करते हैं। भगवान शिव के खुश होने की कई कहानियां आपने शास्त्रों में सुनी होंगी मगर शिव शम्भु के रूद्र होने की कहानी भी शास्त्रों में मिलती है। ...
गणगौर पूजा विधि: भगवान शिव और माता पार्वती को समर्पित गणगौर की पूजा का आखिरी दिन का सबसे ज्यादा महत्व है। अपने पति की लम्बी उम्र के लिए रखा जाने वाला ये पर्व और इसकी पूजा दोनों ही खास होती है। ...