शास्त्रों में वर्णित तथ्यों में बताया गया है कि माता पार्वती द्वारा पुण्यक व्रत के फलस्वरूप गणेशजी का जन्म हुआ। पुराणों में उनके जन्म के संबंध में कहा गया है कि माता ने अपनी सखी जया और विजया के कहने पर एक गण की उत्पति अपने मैल से की थी। ...
ज्योतिष शास्त्र के प्राचीन ग्रंथों में कालसर्प योग अथवा सर्प योग के विषय में विस्तार से उल्लेख मिलता है। भारतीय संस्कृति में नागों का विशेष महत्व है। ...
सभी देवताओं में भगवान शिव एक ऐसे देवता है जो अपने भक्तों की पूजा पाठ से बहुत जल्दी प्रसन्न हो जाते है। यही कारण है कि भगवान शिव को भोलेनाथ कहा जाता है। ...
भगवान शिव की एक बार अंधकासुर नामक दैत्य ने उपासना की। शिव जी ने प्रसन्न होकर वरदान मांगने के लिए कहा। अंधकासुर ने वरदान मांगा कि मेरे रक्त की बूंदे जहां पर भी गिरे वहीं पर मैं फिर से जन्म लेता रहूं। ...
हिन्दू धर्म में शिव चालीसा का खास महत्व है। शिव जी को प्रसन्न करने का यह सबसे सरल उपाय है, तो आइए हम आपको शिव चालीसा की महिमा के बारे में बताते हैं। ...