हर महीने की त्रयोदशी तिथि को प्रदोष व्रत किया जाता है। प्रदोष व्रत में भगवान शिव की पूजा शाम के समय सूर्यास्त से 45 मिनट पहले और सूर्यास्त के 45 मिनट बाद तक की जाती है। ...
भगवान शिव की पूजा के लिए सोमवार को भक्त पूरी श्रद्धा के साथ उपासना करते हैं। भगवान शिव के खुश होने की कई कहानियां आपने शास्त्रों में सुनी होंगी मगर शिव शम्भु के रूद्र होने की कहानी भी शास्त्रों में मिलती है। ...
गणगौर पूजा विधि: भगवान शिव और माता पार्वती को समर्पित गणगौर की पूजा का आखिरी दिन का सबसे ज्यादा महत्व है। अपने पति की लम्बी उम्र के लिए रखा जाने वाला ये पर्व और इसकी पूजा दोनों ही खास होती है। ...
Gokarna: कर्नाटक में मौजूद इस जगह को 'दक्षिण का काशी' भी कहा जाता है। ऐसी मान्यता है कि यहां मनुष्य ही नहीं बल्कि देवता से लेकर नाग, पिशाच और गंधर्व तक महादेव की पूजा के लिए आते हैं। ...