इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान पश्चिम एशिया में स्थित है। शिया बहुल ईरान की आबादी करीब 8 करोड़ है। ईरान को पहले पर्सिया के नाम से जाना जाता था। यहां की आधिकारिक भाषा पर्सियन है। ईरान की राजधानी तेहरान है और यह देश तेल व गैस के मामले में धनी है। Read More
ईरान की अर्थव्यवस्था को चौपट करने के लिए अमेरिका के साथ उसके परमाणु समझौते को रद्द करवाना हो या कतर पर तमाम तरह के प्रतिबंध थोपना हो, यमन के शिया बहुल इलाकों में बमबारी और अपने देश में शिया धर्मगुरुओं को प्रताड़ित करना ये दिखाता है कि सऊदी अरब शिया दे ...
ईरान ने होर्मुज समुद्री मार्ग को बंद करने की धमकी दी है। मध्य-पूर्व में होर्मुज क्षेत्र को तेल कूटनीति के हिसाब से बहुत ही महत्वपूर्ण माना जाता है। इस क्षेत्र की महता का अंदाज़ा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पूरे विश्व के 20% कच्चे तेल का आवागमन इसी ...
जून 2017 में सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात, बहरीन और मिस्र ने कतर से कूटनीतिक और व्यापारिक रिश्ते तोड़ लिए थे। अब खबर है कि कतर अगले साल तेल उत्पादक देशों के संगठन 'ओपेक' को छोड़ने की तैयारी कर रहा है। ...
भारत में करीब 12% कच्चा तेल सीधे ईरान से आता है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक पिछले वर्ष भारत ने ईरान से करीब सात अरब डॉलर के कच्चे तेल का आयात किया था। ...
बात उन दिनों की है जब दिल्ली में मुगल बादशाह मुहम्मद शाह रंगीला का शासन था, जिसे बहुत ही अय्याश प्रवृति का माना जाता था। औरंगजेब की मृत्यु के बाद से मुगल सल्तनत भारत में अपनी अंतिम सांसें गिन रही थी। उन्ही दिनों ईरान में एक गड़ेरिये का बेटा राजा बन ब ...
यमन में 2015 से ही गृह युद्ध छिड़ा हुआ है। यूएन की एक रिपोर्ट के मुताबिक, 'इस छोटे से देश में एक करोड़ से ज्यादा लोग भुखमरी की कगार पर खड़े हैं, अंतराष्ट्रीय बिरादरी को अपना सिर शर्म से झुका लेना चाहिए'। ...
चीन और सऊदी अरब एक कच्चे तेल का सबसे बड़ा आयातक और दूसरा कच्चे तेल का सबसे बड़ा निर्यातक। चीन को मालूम है कि सऊदी अरब की सरकार के पास बिलियन डॉलर का भारी रिजर्व है और सऊदी अरब 'वन बेल्ट वन रोड' प्रोजेक्ट का मध्य-पूर्व में सबसे बड़ा सहभागी हो सकता है। ...