इस पर बोलते हुए विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा, ‘‘मेरा यह कहना है कि कुछ लोग पूर्वाग्रही हैं...वे कोशिश करते हैं फैसले तय करने की...और जैसे-जैसे भारत अपने फैसले खुद करना शुरू करेगा, इस तरह के लोग जो अपने को संरक्षक की भूमिका में देखते हैं उनके विचार ...
अंग्रेजों के जाने के बाद भी औपनिवेशिक मानसिकता टिकी रही क्योंकि नौकरशाही को उसका अभ्यास हो चुका था और निहित हित के चलते उसकी श्रेष्ठता की पैरवी भी कई-कई कोनों से होती रही। भाषा को लेकर भेदभाव का विषय उलझता गया और राजनीति के स्वार्थ के बीच भारतीय भाषा ...
भारतीय विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर भारत 2047 तक एक विकसित देश बनने का लक्ष्य रखता है। हम अपने दूर सदूर के गावों को भी डिजिटाइज करने का लक्ष्य रखते हैं और तेजी से इसपर काम कर रहे हैं। ...
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने इससे पहले UNGA के 77वें सत्र में कश्मीर का मुद्दा उठाया था और कहा था कि वह भारत सहित अपने सभी पड़ोसियों के साथ शांति चाहता है। ...
मनोविज्ञान के आधुनिक अनुशासन को एकरूपी ढंग से देखने की आदत बन चुकी है जबकि शुरू से ही इसके निर्माण में अच्छी खासी बहुलता है और कई तरह के मनोवैज्ञानिक ज्ञान का सृजन होता आ रहा है। ...
भारत के संयुक्त राष्ट्र आर्थिक और सामाजिक के संयुक्त सचिव श्रीनिवास गोटरू ने कहा कि पाकिस्तान में हिंदुओं, सिखों, ईसाइयों और अहमदियों के अधिकारों का उल्लंघन जारी है। ...
भारतीय उच्चायोग ने एक बयान में कहा, ‘‘हम लेस्टर में भारतीय समुदाय के खिलाफ हुई हिंसा और हिंदू धर्म के परिसरों और धार्मिक प्रतीकों के तोड़फोड़ की कड़ी निंदा करते हैं।’’ ...