गर्मी के मौसम में जब अधिक गर्म और शुष्क हवाएं चलती है, इसे लू कहा जाता है। इस दौरान हवा की गर्मी के कारण तापमान 45 डिग्री सेल्सियस या तक पहुंच जाता है और इसे ही लू या हीट स्ट्रोक कहते हैं। लू की स्थिति उस वक्त पैदा होती है, जब अधिकतम तापमान 40 डिग्री के ऊपर पहुंच जाता है। यह सामान्य तापमान से 4.5 से 6.4 डिग्री सेल्सियस अधिक होता है। मैदानी इलाकों में अधिकतम तापमान 45 डिग्री तक पहुंच जाता है तो लू के हालात पैदा हो जाते हैं। लू या हीट स्ट्रोक लगने के बाद व्यक्ति को तेज बुखार हो जाता है और उसके शरीर का तापमान 104 डिग्री फारेनहाइट या इससे अधिक चला जाता है, जिस कारण कई लोगों की जान तक चली जाती है। Read More
सऊदी अरब के हज संबंधित कानून के अनुसार अगर हज के दौरान किसी व्यक्ति की मौत हो जाती है तो उसका शव वापस उसके देश में परिजनों के पास नहीं भेजा जाता। शव को सऊदी अरब में ही दफना दिया जाता है। ...
गैर सरकारी संगठन सेंटर फॉर होलिस्टिक डेवलपमेंट के एक अध्ययन में कहा गया है कि लू के कारण मरने वाले लोगों के लावारिस शवों में से 80 प्रतिशत बेघर लोग हैं। ...
उत्तर प्रदेश के हर जिले में झुलसाती गर्मी लोगों की जान ले रही हैं। बीते 24 घंटों के दौरान यूपी में 170 से अधिक लोगों की मौत गर्मी और लू की चपेट में आने से हुई है। ...
Monsoon rains IMD 2024: मौसम विभाग ने बताया कि भारत में एक से 18 जून के बीच 64.5 मिमी बारिश हुई, जो लंबी अवधि के 80.6 मिमी के औसत (एलपीए) से 20 प्रतिशत कम है। ...