बुद्ध पूर्णिमा बौद्ध धर्म में आस्था रखने वालों का एक प्रमुख त्यौहार है। यह बैसाख माह की पूर्णिमा को मनाया जाता है। बुद्ध पूर्णिमा के दिन ही गौतम बुद्ध का जन्म हुआ था Read More
उन्होंने स्पष्ट कहा- ‘द्वेष से द्वेष कभी समाप्त नहीं होता, प्रेम से ही द्वेष समाप्त होता है.’ यह केवल एक नैतिक उपदेश नहीं, बल्कि सामाजिक और वैश्विक शांति का सूत्र है. ...
स्मरणीय है कि बुद्ध के पहले कर्म की अवधारणा कर्मकांड से जुड़ी हुई थी। जैन विचारकों ने उसके नैतिक पक्ष की ओर ध्यान आकर्षित किया, विशेष रूप से हिंसा को ध्यान में रख कर। ...
नालन्दा विश्वविद्यालय में आयोजित 2 दिवसीय वैशाली उत्सव में पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने समारोह में मौजूद लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि हमारे लोकतंत्र में बुद्ध के संदेशों की झलक मिलती है। ...
बुद्ध के साथ मनुष्य-जाति का एक नया अध्याय शुरू हुआ। हजारों वर्ष पहले बुद्ध ने वह कहा जो आज भी सार्थक मालूम पड़ेगा, और जो आने वाली सदियों तक सार्थक रहेगा। बुद्ध ने विश्लेषण दिया। उन्होंने जीवन की समस्या के उत्तर शास्त्र से नहीं दिए बल्कि विश्लेषण की प ...