इन खास रथों पर अतिरिक्त हथियारों को लोड भी किया जा सकता है। ये रथ उथले पानी में निगरानी करने, तटीय प्रतिष्ठानों को लक्ष्य बनाकर हमला करने और बंदरगाहों के भीतर जहाजों को निशाना बनाने के लिए दुनिया भर में सबसे उन्नत नौसैनिक बलों द्वारा प्रयोग किए जात ...
भारतीय नौसेना के शस्त्रागार में एमआरएएसएचएम के शामिल होने से इसकी आक्रामक क्षमताओं में काफी वृद्धि होगी। मिसाइल की बढ़ी हुई रेंज, सटीकता और जहाज-रोधी युद्ध क्षमताएं भारतीय नौसेना की क्षमता को मजबूत करेंगी। ...
भारतीय सेना को संभावित खतरों का प्रभावी ढंग से मुकाबला करने के लिए इससे भी अधिक दूरी तक मार करने वाले रॉकेटों की आवश्यकता है। जरूरतों को देखते हुए डीआरडीओ को 150 और 250 किमी की रेंज वाले दो नए निर्देशित रॉकेट विकसित करने की अनुमति दी गई है। ...
एमबीडीए ने भारतीय वायु सेना द्वारा संचालित राफेल लड़ाकू जेट के दो स्क्वाड्रन पर हथियार पैकेज के एकीकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। एमबीडीए ने पिछले 50 साल में भारतीय सशस्त्र बलों को मिलान टैंक रोधी निर्देशित मिसाइलों सहित विभिन्न हथियार प्रणालिया ...
आने वाले समय में भारतीय वायुसेना में लगभग 300 तेजस लड़ाकू विमान शामिल किए जाएंगे। इस मांग को पूरा करने के लिए उत्पादन क्षमता में यह महत्वपूर्ण वृद्धि आवश्यक है। ...
इस पूरी घटना का वीडियो भारतीय नौसेना के आधिकारिक एक्स हैंडल से शेयर किया गया। वीडियो में देखा जा सकता है कि एक सी-किंग 42बी हेलीकॉप्टर से फायर की गई मिसाइल तेज रफ्तार से अपने लक्ष्य की तरफ बढ़ गई। ...
भारतीय वायुसेना के पास अब 25 हवाई क्षेत्र हैं जहां से वे चीन में अभियान शुरू कर सकते हैं। भारतीय वायुसेना चीन सीमा के पास अपने उन्नत लैंडिंग ग्राउंड (एएलजी) को तेजी से अपग्रेड कर रही है। ...