केंद्र सरकार की “जन-विरोधी” नीतियों के खिलाफ बुधवार (8 जनवरी) को मजदूर संगठनों ने भारत बंद बुलाया है। मजदूर संगठनों के साथ वामपंथी दल और कांग्रेस समर्थक भी बंद के समर्थन में हैं। देश के प्रमुख संघों इंटक, सीटू, सेवा, एआईटीयूसी, एचएमएस, एआईयूटीयूसी, टीयूसीसी, एआईसीसीटीयू, एलपीएफ और यूटीयूसी ने देशव्यापी हड़ताल का आह्वान किया है और उनका दावा है कि इस में 25 करोड़ श्रमिक शामिल होंगे। Read More
भारत बंद का असर सड़कों और कामकाज के अलावा बड़े रूप में सोशल मीडिया पर देखने को मिल रहा है। #BharatBandh को प्रयोग करते हुए लोग सोशल मीडिया के लिए भारत बंद का समर्थन कर रहे हैं। ...
Shiv Sena on 'Bharat Bandh': बीजेपी की सहयोगी पार्टी शिवसेना पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों को लेकर हमेशा ही नरेन्द्र मोदी सरकार का विरोध करती रही है। लेकिन उन्होंने कांग्रेस द्वारा बुलाए गए भारत बंद का समर्थन नहीं करने का फैसला किया है। ...
राहुल गांधी ने महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि देकर ईंधन की बढ़ती कीमातों पर मार्च शुरू कर दिया है। इसमें उनके साथ कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद समेत कई अन्य विपक्षी दलों के नेता भी शामिल हैं। ...
चटर्जी ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘हमलोग हड़ताल का विरोध नहीं कर रहे हैं और ना ही हम इसमें हिस्सा ले रहे हैं।’’ उन्होंने कहा कि तृणमूल नहीं चाहती कि इससे जनजीवन प्रभावित हो। ...
सूबे के मुजफ्फरपुर, लखीसराय, शेखपुरा, जहानाबाद, आरा, दरभंगा, सुपौल, सीवान, मोतिहारी समेत सभी शहरों में बंद का व्यापक असर देखा गया। सुबह चार घंटे तक लखीसराय, राजगीर, दरभंगा, बरौनी और आरा में कई ट्रेनें रोकी गई। ...