भीमराव रामजी आंबेडकर का जन्म 1891 और मृत्यु 1956 में। डॉ बाबासाहब के नाम से विश्व में लोकप्रिय हुए। स्वतंत्र भारत के प्रथम विधि और न्याय मंत्री बने। भारतीय संविधान के जनक और भारत गणराज्य के निर्माता थे। 1990 में बाबासाहेब को भारत के सर्वोच्च नागरिक सम्मान से मरणोपरांत सम्मानित किया गया था। Read More
हिंदू धर्म से बाहर जाने की उनकी उद्घोषणा को उस कालखंड के लोग निरीश्वरवाद, भौतिकवाद, मार्क्सवाद का अनुसरण न समङों, इसको लेकर बाबासाहब अत्यंत सचेत हैं. मुसलमान और ईसाई धर्म संस्थाओं को हिंदू धर्म की जन्माधारित श्रेष्ठता की मान्यता में लगभग समान स्थिति ...
अंग्रेजी, हिंदी, मराठी, पाली, संस्कृत, गुजराती, जर्मन, फारसी, फ्रेंच और बांग्ला भाषा के वे अच्छे जानकार थे.डॉ. आंबेडकर अपने समकालीन सभी राजनेताओं की तुलना में सबसे अधिक लिखा करते थे. सामाजिक संघर्ष में हमेशा सक्रिय और व्यस्त होने के बावजूद उनकी किताब ...
उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि उपेक्षित वर्गों द्वारा डा अंबेडकर की इस बात को याद नहीं रखने के कारण ही इन वर्गों की हमेशा यही ‘‘दुर्दशा’’ बनी रहेगी। उन्होंने कहा कि देश में कोरोना के कारण लॉकडाउन के बाद भी इसी वजह से उपेक्षित वर्गों की द ...
Ambedkar Jayanti 2020: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट कर बाबा साहब भीमराव अंबेडकर को श्रद्धांजलि दी। साथ ही उन्होंने आज भारत के अनेक हिस्सों में मनाए जा रहे कई त्योहारों के लिए भी लोगों को शुभकामना दी। ...
14 अप्रैल का इतिहास: हर साल 14 अप्रैल को पूरे देश में अंबेडकर जयंती मनाया जाता है। वहीं, दूसरी ओर ब्रिटेन का आलीशान पोत टाइटैनिक भी आज के ही दिन 1912 में हिमखंड से टकराया था। पढ़ें आज का इतिहास... ...
डॉक्टर भीमराव आंबेडकर (Bhimrao Ramji Ambedkar) एक महान शख्स हैं, जिनकी कायल पूरी दुनिया है। उन्होंने भारत के लिए जो काम किए हैं, वो बेहद सराहनीय हैं। यहां जानिए बाबासाहेब भीमराव आंबेडकर (Babasaheb Bhimrao Ambedkar) से जुड़ी 10 रोचक बातें। ...
साल के 365 दिन इतिहास में तरह तरह की घटनाओं के साथ दर्ज हैं। इनमें कुछ अच्छी हैं तो कुछ बुरी। 31 मार्च का दिन भी ऐसी ही बहुत सी घटनाओं का साक्षी रहा है। ऐसी ही एक घटना की बात करें तो देश के संविधान निर्माता डॉ भीमराव अंबेडकर को 31 मार्च 1990 को मरणोप ...