आनंद मोहन सिंह बिहार के एक रसूखदार राजनीतिक परिवार से आते हैं। स्वतंत्रता संग्राम सेनानी राम बहादुर सिंह तोमर आनंद मोहन के दादा थे। उनका जन्म 28 जनवरी 1954 को हुआ था। बिहार के सहरसा जिले के पचगछिया गांव से आने वाले आनंद मोहन ने इमरेजेंसी के दौरान कॉलेज की पढ़ाई छोड़ दी और महज 17 साल की उम्र में राजनीति के मैदान में कूद पड़े। Read More
आईएएस अधिकारी जी. कृष्णैया की हत्या के मामले में उम्र कैद की सजा काट रहे पूर्व सांसद आनंद मोहन को रिहा किए जाने के फैसले पर सेंट्रल आईएएस एसोसिएशन ने नाराजगी जाहिर की है। ...
मध्य प्रदेश में भाजपा नेता और पूर्व विधायक रघुराज सिंह कंसाना के खिलाफ कई गंभीर मामलों को बंद करने का मामला सामने आया है। रघुराज कसाना पहले कांग्रेस में थे और 2020 में भाजपा में शामिल हुए थे। ...
बिहार के गोपालगंज के तत्कालीन जिलाधिकारी जी कृष्णैया की हत्या के दोषी और आजीवन कारावास के सजायाफ्ता आनंद मोहन को बिहार सरकार द्वारा विशेष प्रावधान के तहत कैदमुक्त किये जाने की आलोचना स्वयं दिवंगत जी कृष्णैया की पत्नी उमा देवी ने की है। ...
बिहार के सहरसा जिले के पचगछिया गांव से आने वाले आनंद मोहन ने इमरेजेंसी के दौरान कॉलेज की पढ़ाई छोड़ दी और महज 17 साल की उम्र में राजनीति के मैदान में कूद पड़े। दलित आईएएस अधिकारी जी कृष्णैया की हत्या के मामले में आनंद मोहन को दोषी मानते हुए फांसी की ...
बिहार सरकार ने बिहार पुलिस जेल नियमावली, 2012 में संशोधन किया है। कानून विभाग ने पूर्व सांसद आनंद मोहन और 26 अन्य की रिहाई का मार्ग प्रशस्त करने का आदेश जारी किया। ...