सीपीसीबी ने 22 जनवरी को जारी नोटिस में कहा था कि एनजीटी ने 28 सितंबर को सभी पेट्रोलियम कंपनियों को निर्देश दिया था कि वे 300 किलोलीटर से अधिक की बिक्री करने वाले पेट्रोल पंपों पर वीआरएस लगाएं। ...
पीएम 2.5 के ‘गंभीर एवं आपात’ श्रेणी में पहुंचने के मद्देनजर शनिवार को सीपीसीबी नीत कार्यबल ने बैठक की। पीएम 2.5 के प्रदूषण में लंबे समय तक रहने से कैंसर जैसी बीमारी होने और स्ट्रोक का खतरा बढ़ सकता है। ...
एक ऐसे उपकरण को पाना, जो प्रदूषण मापे, नामहीन भय को संख्या में बदल देता है, क्योंकि संदेह मात्रत्मक तथ्य में बदल जाते हैं. हवा प्रमाणित रूप से जहर में तब्दील हो जाती है. कुछ भ्रम जल्दी ही टूट जाते हैं. ...
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के डेटा के मुताबिक राष्ट्रीय राजधानी का समग्र वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 355 रहा जो कि ‘बहुत खराब’ की श्रेणी में आता है। ...
प्रदूषण से होनेवाली बीमारियों और मरनेवाले की संख्या का पता लगाना ज्यादा मुश्किल नहीं है लेकिन इसका अंदाज लगाना बहुत मुश्किल है कि जहरीली हवा के कारण हमारा पानी और हमारा अनाज कितना जहरीला हो जाता है। ...
ईपीसीए ने शुक्रवार को कहा कि केंद्र और राज्य सरकारों के कई अधिकारी दिल्ली तथा एनसीआर के भीतर आने-जाने के लिए टैक्सी के तौर पर किराये पर ली निजी डीजल गाड़ियों का इस्तेमाल कर रहे हैं तथा उसने इसके लिए स्पष्टीकरण मांगा है। ...
इस स्टडी में कहा गया कि भारत की 77 प्रतिशत जनता घर के बाहर के प्रदूषण के उस स्तर के संपर्क में आई जो नेशनल एंबियंट एअर क्वालिटी स्टैंडर्ड्स (एनएएक्यूएस) की सुरक्षित सीमा से ऊपर था। ...