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Raksha Bandhan 2021: रक्षा बंधन पर 474 साल बाद बन रहा है ये अद्भुत महासंयोग, जानिए इस बारे में

By लोकमत न्यूज़ डेस्क | Updated: August 17, 2021 15:20 IST

Raksha Bandhan 2021: रक्षा बंधन का त्योहार राजयोग में इस बार आएगा। इस दौरान कुंभ राशि में गुरु की चाल वक्री होगी और चंद्रमा भी साथ मौजूद होंगे।

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ठळक मुद्देरक्षा बंधन का त्योहार इस बार धनिष्ठा नक्षत्र के साथ मनाया जाएगा, साथ ही कई ग्रहों की स्थिति इस दिन को शुभ बना रही है।शोभना योग भी दिन में होगा और इस वजह से सावन की पूर्णिमा का ये दिन बेहद खास होगा।

Raksha Bandhan 2021: रक्षा बंधन का त्योहार इस साल 22 अगस्त को मनाया जाएगा। इस बार रक्षा बंधन की खास बात ये होगी कि सुबह 6.15 बजे के बाद भद्रा का साया नहीं है। ऐसे में दिन भर कभी भी बहनें अपने भाई की कलाई पर राखी बांध सकती हैं।

श्रावण माह की पूर्णिमा को मनाया जाने वाला रक्षा बंधन का त्योहार इस बार धनिष्ठा नक्षत्र के साथ मनाया जाएगा। शोभना योग भी दिन में होगा और इस वजह से सावन की पूर्णिमा का ये दिन बेहद खास होगा। साथ ही इस बार एक महासंयोग भी रक्षा बंधन पर बन रहा है।

Raksha Bandhan 2021: रक्षा बंधन पर गजकेसरी योग

ज्योतिष के जानकारों के अनुसार रक्षा बंधन का त्योहार राजयोग में इस बार आएगा। इस दौरान कुंभ राशि में गुरु की चाल वक्री होगी और चंद्रमा भी साथ मौजूद होंगे।

ऐसे में गुरु और चंद्रमा के इस संयोग से गजकेसरी योग बन रहा है। गजकेसरी योग बेहद शुभ माना गया है। मान्यता है कि इससे धन संपत्ति सहित मकान, वाहन जैसे सुखों की प्राप्ति होती है। राजसी योग और सामाजिक मान-सम्मान भी बढ़ता है।

वैसे बता दें कि कुंडली में जब चंद्रमा और गुरु केद्र मे एक-दूसरे की ओर दृष्टि करके बैठे हों तो ही गजकेसरी योग बनता है। अगल कुंडली में बृहस्पति या चंद्रमा कमजोर तो इसका लाभ नहीं मिलता है।

Raksha Bandhan: 474 साल बाद महासंयोग

रक्षा बंधन पर सिंह राशि में सूर्य, मंगल और बुध ग्रह एक साथ विराजमान होंगे। सिंह राशि का स्वामी सूर्य है। इस राशि में मंगल भी उनके साथ रहेगा। वहीं शुक्र कन्या राशि में होगा।

ये बेहद शुभ और दुर्लभ योग माना जा रहा है। जानकारों के अनुसार ऐसा दुर्लभ योग इससे पहले 11 अगस्त 1547 को बना था। रक्षा बंधन पर धनिष्ठा नक्षत्र में  सूर्य, मंगल और बुध के एकसाथ आने के मौके बहुत कम होते हैं। ऐसे में 474 साल बाद ऐसा योग है जब ग्रहों की स्थिति ऐसी है। 

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