लाइव न्यूज़ :

Jyeshtha Purnima 2024 Date: कब है ज्येष्ठ पूर्णिमा तिथि, जानें तिथि, शुभ मुहूर्त, पूजन विधि और महत्व

By रुस्तम राणा | Updated: June 18, 2024 16:47 IST

Jyeshtha Purnima 2024 : हिन्दू धर्म में ज्येष्ठ पूर्णिमा तिथि का विशेष महत्व है।  धार्मिक मान्यता है कि इस दिन सुहागिन महिलाएं पति की लंबी उम्र और दांपत्य जीवन में खुशहाली के लिए वट पूर्णिमा का व्रत रखती हैं।

Open in App

Jyeshtha Purnima 2024 Date: हिंदू पंचांग के अनुसार, यह ज्येष्ठ मास चल रहा है और इस महीने पड़ने वाली पूर्णिमा तिथि को ज्येष्ठ पूर्णिमा कहा जाता है। हिन्दू धर्म में ज्येष्ठ पूर्णिमा तिथि का विशेष महत्व है।  धार्मिक मान्यता है कि इस दिन सुहागिन महिलाएं पति की लंबी उम्र और दांपत्य जीवन में खुशहाली के लिए वट पूर्णिमा का व्रत रखती हैं। ज्येष्ठ पूर्णिमा के दिन पवित्र नदी में स्नान एवं दान करने की परंपरा है। इस दिन सत्यनारायण की कथा का पाठन करने से जीवन में खुशहाली आती है। कहा जाता है कि इस दिन पूर्णिमा की चांद की पूजा करने से चंद्र दोष खत्म हो जाता है। इस बार ज्येष्ठ पूर्णिमा 21 जून, शुक्रवार को है।

ज्येष्ठ पूर्णिमा का शुभ मुहूर्त

पूर्णिमा तिथि प्रारंभ - 21 जून, शुक्रवार को सुबह 07 बजकर 21 मिनट से पूर्णिमा तिथि समाप्त - 22 जून, शनिवार को सुबह 06 बजकर 37 मिनट पर ब्रह्म मुहूर्त - 21 जून, शुक्रवार को सुबह 04:03 बजे से 04:43 बजे तकअभिजीत मुहूर्त - 21 जून,  शुक्रवार को सुबह 11:54 बजे से दोपहर 12:50 बजे तकविजय मुहूर्त - 21 जून, शुक्रवार को दोपहर 02:42 बजे से 03:38 बजे तकगोधुलि मुहूर्त - 21 जून, शुक्रवार को सायं 07:20 बजे से 07:40 बजे तक

ज्येष्ठ पूर्णिमा पूजन विधि

पूर्णिमा के दिन सुबह स्नान से पहले व्रत का संकल्प लें। इस दिन सुबह जल्दी स्नान कर भगवान विष्णु का व्रत रखना चाहिए। सत्यनारायण कथा का पाठ करना चाहिए। रात में चंद्रमा को दूध और शहद मिलाकर अर्घ्य देना चाहिए। इससे भक्तों के सभी रोग और कष्ट दूर हो जाते हैं। इससे श्रद्धालुओं की सभी मनोकामना पूरी होती है और उन्हें जीवन में किसी चीज की कमी नहीं रहती है। अंत में ब्राह्मणों को दान-दक्षिणा देना चाहिए।

ज्येष्ठ पूर्णिमा व्रत का महत्व

शास्त्रों के अनुसार ज्येष्ठ पूर्णिमा पर भगवान विष्णु को समर्पित करते हुए व्रत एवं पूजन करने का विधान है। पूर्णिमा के व्रत में पवित्र नदी में स्नान और दान का काफी महत्व होता है परन्तु यदि किसी कारण से पवित्र नदी में जा कर स्नान करना संभव न हो, तो नहाने के पानी में गंगा जल मिलाकर नहाने से भी गंगा स्नान का पुण्य मिलता है। ज्येष्ठ पूर्णिमा का स्थान सात विशेष पूर्णिमा में आता है। इस दिन भगवान विष्णु का व्रत करने से सभी कष्ट एवं संकट समाप्त होते हैं तथा सभी मनोकामनाओं की पूर्ति होती है।

टॅग्स :पूर्णिमावट पूर्णिमाहिंदू त्योहार
Open in App

संबंधित खबरें

पूजा पाठHanuman Jayanti Puja Muhurat 2026: नोट कर लें बजरंगबली की पूजा के ये 2 सबसे शुभ मुहूर्त, बरसेगी पवनपुत्र की कृपा

पूजा पाठHanuman Jayanti 2026: बिना तामझाम ऐसे करें बजरंगबली की पूजा, चमक जाएगी आपकी किस्मत

पूजा पाठApril 2026 Full Moon: क्यों खास है इस बार की चैत्र पूर्णिमा? आसमान में दिखेगा 'पिंक मून', जानें दिखने का सही समय

पूजा पाठPunrima April 2026: चैत्र पूर्णिमा में दिखाई देगा 'पिंक मून', जानें तारीख, समय और महत्व के बारे में

पूजा पाठHanuman Jayanti 2026: 1 या 2 अप्रैल, कब मनाई जाएगी हनुमान जयंती? दूर करें अपना कन्फ्यूजन

पूजा पाठ अधिक खबरें

पूजा पाठPanchang 04 April 2026: आज कब से कब तक है राहुकाल और अभिजीत मुहूर्त का समय, देखें पंचांग

पूजा पाठRashifal 04 April 2026: कुंभ राशिवालों को अचानक धनलाभ मिलने की संभावना, जानें सभी राशियों का फल

पूजा पाठGrah Gochar April 2026: अप्रैल में 4 राशिवालों के लिए बनेंगे कई राजयोग, ये ग्रह गोचर दे रहे हैं शुभ संकेत

पूजा पाठPanchang 03 April 2026: आज कब से कब तक है राहुकाल और अभिजीत मुहूर्त का समय, देखें पंचांग

पूजा पाठRashifal 03 April 2026: आज अवसर का लाभ उठाएंगे कर्क राशि के लोग, जानें अन्य सभी राशियों का भविष्य