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Dev Uthani Ekadashi: देवउठनी एकादशी कल, इस एक चीज का दान करेगा हर समस्या का समाधान

By मेघना वर्मा | Updated: November 7, 2019 10:13 IST

देवश्यनी एकादशी के बाद से सभी शुभ कार्य बंद हो जाते हैं। जो की देवउठनी एकादशी पर ही आकर वापिस से शुरू होते हैं। माना जाता है कि इस दिन भगवान विष्णु अपनी नींद से जागते हैं।

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ठळक मुद्देकार्तिक मास में आने वाली इस एकादशी को देवोत्थान, देवउठनी या प्रबोधिनी एकादशी भी कहते हैं। इस साल 8 नवंबर को देवउठनी एकादशी पड़ रही है।

विष्णु भगवान के पूजन के लिए हर महीने में आने वाली दोनों एकादशी का दिन बेहद शुभ माना जाता है। खासकर देवउठनी एकादशी का बेहद महत्व बताया जाता है। इस साल 8 नवंबर को देवउठनी एकादशी पड़ रही है। भगवान विष्णु को समर्पित इस व्रत का इंतजार लोग हमेशा करते हैं। मान्यता है कि इस दिन भगवान विष्णु अपनी चार माह की नींद से जागते हैं। साथ ही देव उठनी एकादशी के दिन से ही सारे शुभ काम फिर से शुरू हो जाते हैं। 

कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष को मनाई जाने वाली देवउठनी या देवोत्थान एकादशी पर भगवान श्रीविष्णु की पूरे विधि-विधान से पूजा की जाती है। माना जाता है कि इस दिन भगवान विष्णु अपनी चार महीने की नींद से जागते हैं। बताया तो ये भी जाता है कि इस दिन सभी देवता जागते हैं। इस साल देव उठनी एकादशी पर बेहद शुभ संयोग बन रहा है। जसमें व्रत रखने वालों को दोगुना फल भी मिल सकता है। 

देवउठनी एकादशी के दिन करें इस चीज का दान

देवउठनी एकादशी के दिन तुलसी विवाह भी करवाया जाता है। इस दिन तुलसी जी की शादी विष्णु रुपी शालीग्राम जी से करवाई जाती है। तुलसी विवाह को हिन्दू धर्म में सबसे ज्यादा पवित्र माना गया है। मान्यता है कि इसे करने से कन्यादान के बराबर फल मिलता है। ऐसा भी मानना है कि इस दिन तुलसी का दान करने से सभी तरह की समस्या से निजात मिल जाती है।

देवउठनी एकादशी पर बेहद शुभ संयोग

इस साल देवउठनी एकादशी के दिन बेहद शुभ संयोग पड़ रहा है। इस साल 8 नवंबर को देवउठनी एकादशी पड़ रही है। वहीं शास्त्रों के अनुसार जिस दिन सूर्योदय कालीन एकादशी तिथि हो और वह दो प्रहर तक लग रही हो उसी दिन एकादशी का व्रत करना चाहिए। इसीलिए आपको यह व्रत 8 नवंबर को ही करना चाहिए। इस दिन सूर्योदय  होगा और 12 बजकर 55 मिनट तक एकादशी तिथि रहेगी। 

देवउठनी एकादशी की महत्ता

देवश्यनी एकादशी के बाद से सभी शुभ कार्य बंद हो जाते हैं। जो की देवउठनी एकादशी पर ही आकर वापिस से शुरू होते हैं। माना जाता है कि इस दिन भगवान विष्णु अपनी नींद से जागते हैं। कार्तिक मास में आने वाली इस एकादशी को देवोत्थान, देवउठनी या प्रबोधिनी एकादशी भी कहते हैं। इस दिन भगवान विष्णु को पूजा जाता है। 

क्या है देवउठनी एकादशी का शुभ मुहूर्त

देवउठनी एकादशी 2019 तिथि  देवउठनी एकादशी 2019 में कार्तिक मास की शुक्लपक्ष तिथि में 8 नवंबर 2019 को है।देवउठनी एकादशी तिथि प्रारम्भ - सुबह 9 बजकर 55 मिनट से ( 7 नवम्बर 2019) देवउठनी एकादशी तिथि समाप्त - अगले दिन दोपहर 12 बजकर 24 तक (8 नवम्बर 2019)

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