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Chandra Grahan Daan Puja: चंद्र ग्रहण खत्म, कीजिए इन 5 चीजों का दान दूर हो जाएगी दरिद्रता

By मेघना वर्मा | Updated: January 11, 2020 09:11 IST

Grahan Ke Baad Kya Daan Kare: सफेद चीज का संबंध सीधा चंद्रमा से होता है इसलिए चंद्रग्रहण के बाद सफेद चीजों का दान शुभ माना जाता है।

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ठळक मुद्देग्रहण के बाद आप शक्कर या चीनी का दान भी कर सकते हैं। चावल को अक्षत भी कहा जाता है इसका भी सीधा संबंध चंद्रमा से होता है।

साल 2020 का पहला चंद्रग्रहण 10 जनवरी को लगा था। रात 10 बजकर 39 मिनट से शुरू हुआ यह ग्रहण 11 जनवरी को सुबह 2 बजकर 42 मिनट पर खत्म हो गया। इसी के साथ आज से पौष शुक्ल पूर्णिमा लग गई है। ग्रहण के दौरान कुछ भी शुभ कार्य करने की मनाही होती है लेकिन ग्रहण काल के बाद दान पुण्य करने की परंपरा सदियों से चली आ रही है। ऐसा माना जाता है कि ग्रहण के बाद दान करना बेहद शुभ है।शास्त्रों की मानें तो ग्रहण के बाद दान करने वाले दान से पुण्य की प्राप्ती होती है। इससे ना सिर्फ घर में सुख आती है बल्कि आप समृद्ध भी होते हैं। अपने ईष्ट देव की पूजा और उनका आशीर्वाद भी मिलता है। आइए बताते हैं ग्रहण के बाद किन चीजों का दान आपको करना चाहिए।ग्रहण के बाद करें इन चीजों का दान

1. चांदी का दान

चंद्रग्रहण के बाद चांदी का दान बहुत महत्वपूर्ण होता है। ग्रहण के बाद चांदी का दान देने से मन मजबूत और बुद्धि कुशाग्र होती है। आप चांदी से बने आभूषण, सिक्के या बर्तन दान कर सकते हैं।

2. दूध का दान

दूध और दही का दान शास्त्रों में सबसे अच्छा बताया गया है। इसका सीधा संबंध चंद्रमा से होता है। ग्रहण के बाद दूध और दही का दान करके आप माता लक्ष्मी को प्रसन्न कर सकते हैं। मान्यता है कि ऐसा करने से घर में लक्ष्मी का वास होता है।

3. चावल का दान

चावल को अक्षत भी कहा जाता है इसका भी सीधा संबंध चंद्रमा से होता है। शुभ कार्यों में चावल का प्रयोग जरूर होता है। वहीं ग्रहण के बाद इसका दान करने से घर में कभी धन-धान्य की कमी नहीं होती। ग्रहण के बाद इसका दान करेंगे तो दरिद्रता दूर हो जाएगी।

4. सफेद फूल का दान

सफेद चीज का संबंध सीधा चंद्रमा से होता है इसलिए चंद्रग्रहण के बाद सफेद चीजों का दान शुभ माना जाता है। आप इसमें सफेद फूल का दान भी कर सकते हैं। संभव हो तो आप मंदिर जाकर भगवान पर सफेद फूल जरूर अर्पित करें।

5. चीनी का दान

ग्रहण के बाद आप शक्कर या चीनी का दान भी कर सकते हैं। माना जाता है कि ऐसा करने से आपको आपके ईष्ट देव का आशीर्वाद मिलता है। ग्रहण के बाद आपको श्रीसुक्त का भी पाठ करना चाहिए। ऐसा करने से ग्रहण की सारी नेगेटिव एनर्जी का प्रभाव कम हो जाता है।

इस साल कब-कब लगेगा ग्रहण

इस ग्रहण के अलावा इसी साल पांच और छह जून की दरम्यानी रात दूसरा उपच्छाया चंद्र ग्रहण लगेगा। यह ग्रहण भी भारत में दिखाई देगा। इसके बाद 21 जून को वलयाकार सूर्य ग्रहण होगा। उसे भी भारत में देखा जा सकेगा। इसके बाद पांच जुलाई और 30 नवंबर को सिलसिलेवार दो उपच्छाया चंद्र ग्रहण लगेंगे।हालांकि, दोनों ग्रहण भारत में नहीं देखे जा सकेंगे। साल का छठा और आखिरी ग्रहण पूर्ण सूर्य ग्रहण के रूप में 14 दिसंबर को लगेगा। यह ग्रहण भी भारत में नहीं दिखेगा, क्योंकि उस वक्त देश में रात होगी। 2019 में दुनिया के अलग-अलग इलाकों में तीन सूर्यग्रहण और दो चंद्र ग्रहण नजर आए थे।

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