लाइव न्यूज़ :

क्या है लैवेंडर मैरिज के मायने, जानें भारत में कैसे की जाती है ये शादी?

By मनाली रस्तोगी | Updated: February 17, 2022 16:19 IST

समाज में खुद को आम कपल दिखाने के लिए जब एक गे लड़का और लेस्बियन लड़की आपस में शादी करते हैं तो उसे लैवेंडर मैरिज कहा जाता है।

Open in App
ठळक मुद्दे6 सितंबर 2018 को सुप्रीम कोर्ट ने आईपीसी की धारा-377 की कानूनी वैधता पर फैसला सुनाया था। कोर्ट ने अपने फैसले में कहा था कि समलैंगिकता अपराध नहीं है।

राजकुमार राव (Rajkumar Rao) और भूमि पेडनेकर (Bhumi Pednekar) की फिल्म 'बधाई दो' रिलीज होने के बाद से लगातार चर्चा का विषय बनी हुई है। दरअसल, ये फिल्म एक ऐसे सामाजिक मुद्दे पर आधारित है जो अभी भारतीय समाज में काफी नया है। इस फिल्म में लैवेंडर मैरिज को दिखाया गया है। 'बधाई दो' में जहां एक ओर राजकुमार राव ने शार्दुल ठाकुर तो वहीं भूमि पेडनेकर ने सुमन सिंह का किरदार निभाया है। खास बात ये है फिल्म में दोनों लेस्बियन (Lesbian) और गे (Gay) की भूमिका हैं।

टाइम्स ऑफ़ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, ये फिल्म जिस मुद्दे पर आधारित है उसपर आज भी लोग बात करने पर कतराते हैं। बता दें कि फिल्म 'बधाई दो' में अपनी पर्सनल लाइफ और सेक्सुअल प्रेफरेंस को छुपाने के लिए राजकुमार राव और भूमि पेडनेकर आपस में शादी करते हैं, लेकिन सेक्सुअल प्रेफरेंस आम पति-पत्नी की तरह नहीं होती है। ऐसे में जहां शार्दुल को लड़के पसंद आते हैं तो वहीं सुमन को लड़कियों में ज्यादा रूचि होती है। इस शादी को लैवेंडर मैरिज कहा जाता है। मगर लैवेंडर मैरिज के बारे में ज्यादा लोग नहीं जानते हैं क्योंकि भारतीय समाज में अधिकांश लोग लैवेंडर मैरिज जैसी चीजों को छिपाकर रखते हैं।

किसे कहते हैं लैवेंडर मैरिज?

अगर किसी पुरुष का यौन आकर्षण किसी महिला की अपेक्षा पुरुष की तरफ ज्यादा होता है तो उसे समलैंगिक पुरुष यानि की गे कहते हैं। वहीं, जब किसी लड़की का यौन आकर्षण किसी पुरुष की अपेक्षा महिला की ओर ज्यादा होता है तो उसे लेस्बियन कहा जाता है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, समाज में खुद को आम कपल दिखाने के लिए जब एक गे लड़का और लेस्बियन लड़की आपस में शादी करते हैं तो उसे लैवेंडर मैरिज कहा जाता है। बता दें कि होमोसेक्सुएलिटी से लैवेंडर कलर को जोड़कर देखा जाता था। यही वजह है कि इसे लैवेंडर मैरिज कहा जाता है।

भारत में कैसे होती है लैवेंडर मैरिज?

6 सितंबर 2018 को सुप्रीम कोर्ट ने आईपीसी की धारा-377 की कानूनी वैधता पर फैसला सुनाया था। कोर्ट ने अपने फैसले में कहा था कि समलैंगिकता अपराध नहीं है। ऐसे में जो किसी सामान्य नागरिक के मूल अधिकार हैं, अब वहीं अधिकार समलैंगिको के भी हैं क्योंकि सबको सम्मान से जीने का अधिकार है। इसके साथ ही धारा 377 के उस प्रावधान को कोर्ट ने हटा दिया था, जिसमें कहा गया था कि एक ही लिंग के 2 लोगों को संबंध बनाने की इजाजत नहीं है।

मगर अब भारत में 2 बालिग समलैंगिकों का संबंध जायज माना जाता है। हालांकि, समाज के डर से आज भी कई लोग अपने परिवार और समाज को अपनी सेक्सुअल प्रेफरेंस के बारे में नहीं बताते हैं। मगर पिछले कुछ सालों में भारत में कई गे कपल की शादियां हुई हैं, जो समाज में सोच को बदल रहे हैं।

टॅग्स :रिलेशनशिपरिलेशनशिप टिप्सराजकुमार रावभूमि पेडनेकर
Open in App

संबंधित खबरें

भारत'शादीशुदा पुरुष का वयस्क महिला के साथ लिव-इन रिलेशनशिप में रहना अपराध नहीं'

ज़रा हटकेबिहार के पूर्वी चंपारण जिले में "वीरू" की चाहत में "बसंती" चढ़ गई हाईवोल्टेज बिजली के टावर पर, प्रेमी से शादी की जिद पर अड़ी

ज़रा हटकेभारत के इस शहर में सबसे ज्यादा लोग दे रहे हैं पार्टनर को धोखा! कहीं आपका शहर भी तो नहीं शामिल? जानिए

ज़रा हटके“जब तक मेरे महबूब को रिहा नहीं किया जाएगा, तब तक नीचे नहीं उतरूंगी'': बिहार के गोपालगंज जिले में प्रेमी की रिहाई की मांग को लेकर प्रेमिका चढ़ गई मोबाइल टावर पर

भारतबिहार के पूर्णिया जिले में होने वाले दामाद के साथ फुर्र हुई सास, कहा- “अभी मेरी उम्र ही क्या है?”

रिश्ते नाते अधिक खबरें

रिश्ते नातेHappy Valentine's Day 2026 Wishes: 2026 का सफर और तुम्हारा साथ, मेरी दुनिया का सबसे खूबसूरत एहसास; अपने पार्टनर को भेजे प्यार का पैगाम

रिश्ते नातेValentine’s Day 2026: दुनिया में एक अद्भुत शक्ति है सच्चा प्रेम

रिश्ते नातेValentine Week Full List 2026: रोज से लेकर किस डे तक, आज से शुरू हुआ वैलेंटाइन वीक, कैसे मनाएं पार्टनर को....

रिश्ते नातेKarwa Chauth 2025: अपनी पत्नी को इस करवा चौथ दें प्यार भरा तोहफा, इन गिफ्ट्स आइडिया से मिलेगी हेल्प

रिश्ते नातेValentine's Day 2025: प्यार का प्रतीक वेलेंटाइन डे से जुड़ा है काला इतिहास, 14 फरवरी का राज जानकर हो जाएंगे रोंगटे खड़े