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सोनिया, राहुल और प्रियंका की सुरक्षा का जिम्मा संभाला सीआरपीएफ ने, 28 साल बाद एसपीजी सुरक्षा वापस

By लोकमत न्यूज़ डेस्क | Updated: November 11, 2019 17:32 IST

केन्द्र सरकार ने पिछले सप्ताह सोनिया, राहुल और प्रियंका की एसपीजी सुरक्षा को वापस ले लिया था। अधिकारियों ने बताया कि सोनिया गांधी के 10, जनपथ स्थित आवास पर इजरायली एक्स-95, एके सीरीज और एमपी-5 बंदूकों के साथ केन्द्रीय अर्द्धसैनिक बल के कमांडो की एक टुकड़ी ने सुरक्षा का जिम्मा संभाल लिया है।

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ठळक मुद्देप्रियंका गांधी वाड्रा के लोधी एस्टेट में स्थित आवास पर तैनात किया गया है। लिट्टे के आतंकवादियों ने 21 मई 1991 को राजीव गांधी की हत्या कर दी थी।

केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) ने कांग्रेस अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी और उनके बेटे राहुल गांधी और बेटी प्रियंका की सुरक्षा का जिम्मा सोमवार को संभाल लिया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

केन्द्र सरकार ने पिछले सप्ताह सोनिया, राहुल और प्रियंका की एसपीजी सुरक्षा को वापस ले लिया था। अधिकारियों ने बताया कि सोनिया गांधी के 10, जनपथ स्थित आवास पर इजरायली एक्स-95, एके सीरीज और एमपी-5 बंदूकों के साथ केन्द्रीय अर्द्धसैनिक बल के कमांडो की एक टुकड़ी ने सुरक्षा का जिम्मा संभाल लिया है।

इसी तरह का एक दस्ता कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और वायनाड से सांसद राहुल गांधी के तुगलक लेन स्थित आवास और प्रियंका गांधी वाड्रा के लोधी एस्टेट में स्थित आवास पर तैनात किया गया है। विशेष सुरक्षा समूह (एसपीजी) सुरक्षा हटाये जाने के बाद केन्द्रीय गृह मंत्रालय ने सीआरपीएफ की एक विशेष वीवीआईपी सुरक्षा इकाई को अखिल भारतीय आधार पर गांधी परिवार को ‘जेड प्लस’ सुरक्षा उपलब्ध कराने को कहा है।

अधिकारियों ने बताया कि नए सीआरपीएफ कवर में इन तीन वीवीआईपी के लिए एक उन्नत सुरक्षा संपर्क (एएसएल) कवायद का प्रावधान है, और इसके तहत कमांडो को उनके द्वारा दौरा किए जाने वाले स्थानों और क्षेत्र की पहले से जांच करने का अधिकार होगा।

अधिकारियों ने बताया था कि पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के परिवार को दी गयी एसपीजी सुरक्षा वापस लेने का फैसला एक विस्तृत सुरक्षा आकलन के बाद लिया गया। लिट्टे के आतंकवादियों ने 21 मई 1991 को राजीव गांधी की हत्या कर दी थी। सोनिया, राहुल और प्रियंका से 28 साल बाद एसपीजी सुरक्षा वापस ले ली गयी।

उन्हें सितंबर 1991 में 1988 के एसजीपी कानून के संशोधन के बाद वीवीआईपी सुरक्षा सूची में शामिल किया गया था। इस फैसले के साथ करीब 4,000 बल वाला एसजीपी अब केवल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सुरक्षा में तैनात रहेगा।

देश में नक्सल विरोधी अभियानों और आंतरिक सुरक्षा कार्यों के लिए एक प्रमुख बल सीआरपीएफ के पास लगभग 52 अन्य वीवीआईपी की सुरक्षा की जिम्मेदारी है जिसमें केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह, पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और आरआईएल के अध्यक्ष मुकेश अंबानी और उनकी पत्नी नीता अंबानी शामिल हैं। 

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