Bihar assembly elections 2020 shivsena bjp mp modi sanjay raut covid congress | Bihar Elections 2020: संजय राउत का पीएम पर तंज, 'तुम मुझे वोट दो, हम तुम्हें वैक्सीन देंगे'
राजनीति पीएम कर रहे हैं कि सत्ता मिलने पर ही वैक्सीन दी जाएगी। अगर सत्ता नहीं मिलेगी तो क्या वो वैक्सीन नहीं देंगे।

Highlightsबीजेपी की घोषणा पर संजय राउत ने कहा कि जब हम बच्चे थे तब एक घोषणा थी, 'तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आज़ादी दूंगा'। नई घोषणा मैं देख रहा हूं, 'तुम मुझे वोट दो, हम तुम्हें वैक्सीन देंगे'। बिहार में मुफ्त में कोरोना वैक्सीन उपलब्ध कराने की बात की है। कल बिहार में घोषणा पत्र जारी करते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इसकी घोषणा की थी।

मुंबईः शिवसेना सांसद संजय राउत ने पीएम मोदी और भाजपा पर तंज कसा है। कोरोना वैक्सीन पर बिहार नहीं पूरे देश भर में हंगामा जारी है। शिवसेना ने कहा कि जहां-जहां चुनाव होंगे उसी राज्य के लोग को कोविड वैक्सीन दिया जाएगा। शिवसेना नेता संजय राउत ने शुक्रवार को निशाना साधते हुए कहा कि क्या जो लोग बीजेपी को वोट नहीं देंगे, उन्हें वैक्सीन नहीं दी जाएगी?

बीजेपी की घोषणा पर संजय राउत ने कहा कि जब हम बच्चे थे तब एक घोषणा थी, 'तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आज़ादी दूंगा'। अब एक नई घोषणा मैं देख रहा हूं, 'तुम मुझे वोट दो, हम तुम्हें वैक्सीन देंगे'। बिहार में मुफ्त में कोरोना वैक्सीन उपलब्ध कराने की बात की है। 

कल बिहार में घोषणा पत्र जारी करते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इसकी घोषणा की थी। इस मुद्दे सो लेकर कांग्रेस, शिवसेना, राजद सहित कई दलों ने भाजपा और जदयू पर हमला बोल दिया है।असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि पीएम कम से कम ये बता दें कि इंसान की ज़िंदगी चाहे बिहार, यूपी या गुजरात की हो संविधान के लिहाज़ से सभी की ज़िंदगी बराबर है तो किस तरह की राजनीति पीएम कर रहे हैं कि सत्ता मिलने पर ही वैक्सीन दी जाएगी। अगर सत्ता नहीं मिलेगी तो क्या वो वैक्सीन नहीं देंगे।

केंद्रीय मंत्री और RPI के अध्यक्ष रामदास अठावले ने भाजपा का बचाव किया है। कहा कि संजय राउत के बयान में दम नहीं है। अभी तो अपने देश में आज़ादी है तो आज़ादी मांगने का विषय नहीं है। बीजेपी ने जो वादा किया है कि अगर उनकी सरकार आती है तो वो मुफ्त में वैक्सीन देंगे..ये वादा करने का अधिकार बीजेपी को है।

संजय राउत ने कहा कि पीएम की छवि खराब हो रही है। "क्या जहां बीजेपी की सरकार नहीं हैं, वहीं टीका नहीं मिलेगा. इसको क्लियर करना चाहिए. पहले हम जात और धर्म के नाम पर बांटते थे और अब वैक्सीन के नाम पर बाटेंगे।" इस तरह देश में किसी राजनीतिक दल द्वारा भेदभाव गलत है. बीजेपी को वोट देने वाले लोगों को ही वैक्सीन मिलेगी, इससे बीजेपी की भेदभावपूर्ण प्रकृति का पता चलता है।"

प्रधानमंत्री प्रमुख मुद्दों पर चुप रहे लेकिन भाषण अच्छा था : शिवसेना

राष्ट्र के नाम संबोधन को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर शिवसेना के मुखपत्र ‘सामना’ में कटाक्ष करते हुए कहा गया है कि वह प्रमुख मुद्दों पर चुप रहे लेकिन उनका यह भाषण पिछले कुछ महीनों में दिये गये ‘‘सबसे अच्छे भाषणों में से एक’’ था।

मराठी दैनिक के संपादकीय में व्यंग्यात्मक लहजे में कहा गया है कि मोदी के मंगलवार के संबोधन में नापंसद किया जाने वाला कुछ भी नहीं था और प्रधानमंत्री के चेहरे पर एक अलग ही तेज दिख रहा था जो देश को उसकी समस्याओं से छुटकारा दिलाएगा। इसमें कहा गया है, ‘‘प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन के माध्यम से देशवासियों को क्या बताया? नया क्या था? क्या उन्होंने महाराष्ट्र में बाढ़ प्रभावित लोगों को कोई आश्वासन दिया? किस मौद्रिक पैकेज की घोषणा की गई थी? भाषण की इसी तरह की आलोचनाएं की जा सकती हैं। हालांकि, भाषण छोटा और प्रभावी था।’’

प्रधानमंत्री ने मंगलवार को लोगों से कोविड-19 दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की और चेताया था कि किसी भी तरह की लापरवाही त्योहारों के उत्साह को फीका कर सकती है। संपादकीय में कहा गया है, ‘‘उन्होंने कोरोना वायरस के बारे में जो कुछ भी कहा, वह सब सच था। वह आये, वह बोले। उनकी श्वेत दाढ़ी, उनके चेहरे पर दीप्तिमान तेज .... यह तेज देश में आपदाओं के अंधेरे को मिटा देगा।’’

इसमें कहा गया है कि मोदी ने देश में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ाने की बात की, लेकिन महामारी के कारण हुई बेरोजगारी का जिक्र नहीं किया। शिवसेना के मुखपत्र में कहा गया है, ‘‘भाषण से पहले, कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री से अपील की थी कि वह चीनी घुसपैठ (लद्दाख में) और भारत चीनी सैनिकों को कब बाहर निकालेगा, इसके बारे में बोलें। लेकिन मोदी ने एक भी मुद्दे को नहीं छुआ।’’

इसमें कहा गया है, ‘‘उनका भाषण छोटा था। वास्तव में, कोरोना वायरस पर जागरूकता के संबंध में सात से आठ मिनट लंबा संबोधन पिछले सात महीनों में सबसे अच्छे भाषणों में से एक था।’’ संपादकीय में महाराष्ट्र में मंदिरों को फिर से खोले जाने की मांग का जिक्र करते हुए कहा गया है कि राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी को इस बात पर गौर करना चाहिए कि प्रधानमंत्री ने कहा था कि जिन जगहों पर भीड़ हो सकती है उन्हें इतनी जल्दी फिर से नहीं खोला जा सकता । विपक्षी भाजपा महाराष्ट्र में मंदिरों को फिर से खोले जाने की मांग कर रही है और कोश्यारी ने इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को पत्र लिखा था।

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