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डब्ल्यूएचओ ने दी चेतावनी, नए केस में आठ प्रतिशत की वृद्धि, कोरोना वायरस से मौतों की संख्या में 21 प्रतिशत की उछाल

By सतीश कुमार सिंह | Updated: July 28, 2021 21:29 IST

केरल में बुधवार को कोविड-19 के 22,056 नए मामले सामने आए, जिससे संक्रमण के मामलों की कुल संख्या बढ़कर 33,27,301 हो गई, जबकि 131 और लोगों की मौत होने के साथ वायरस से मरने वालों की संख्या बढ़कर 16,457 हो गई।

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ठळक मुद्देयूरोप को छोड़कर सभी क्षेत्रों में कोविड-19 से होने वाली मौतों की संख्या में वृद्धि हुई है। सबसे ज्यादा मामले अमेरिका, ब्राजील, इंडोनेशिया, ब्रिटेन और भारत से सामने आए। दर्ज किए गए मामलों की संख्या 20 करोड़ से अधिक हो सकती है।

जिनेवाः विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने कहा कि पिछले सप्ताह वैश्विक स्तर पर कोरोना वायरस से होने वाली मौतों की संख्या में 21 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। जिन 69,000 लोगों की मौत के मामले सामने आए उनमें से ज्यादातर अमेरिका और दक्षिण पूर्व एशियाई देशों से थे।

संयुक्त राष्ट्र की स्वास्थ्य एजेंसी ने कहा कि दुनियाभर में कोविड-19 मामलों में आठ प्रतिशत की वृद्धि हुई है और अब लगभग संक्रमण के मामलों की संख्या 19.4 करोड़ है। डब्ल्यूएचओ ने कहा, ‘‘अगर यही रुझान जारी रहा, तो अगले दो हफ्तों में वैश्विक स्तर पर दर्ज किए गए मामलों की संख्या 20 करोड़ से अधिक हो सकती है।’’ उसने कहा कि यूरोप को छोड़कर सभी क्षेत्रों में कोविड-19 से होने वाली मौतों की संख्या में वृद्धि हुई है। सबसे ज्यादा मामले अमेरिका, ब्राजील, इंडोनेशिया, ब्रिटेन और भारत से सामने आए।

ग्यारह राज्यों में किये गये सर्वे में दो-तिहाई आबादी में कोरोना वायरस एंटीबॉडी पाये गए

भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) द्वारा 14 जून से छह जुलाई के बीच किए गए एक सीरो सर्वे के निष्कर्षों के अनुसार, 11 राज्यों में किये गये सर्वेक्षण में कम से कम दो-तिहाई आबादी में कोरोना वायरस एंटीबॉडी विकसित पाई गई। मध्य प्रदेश 79 प्रतिशत ‘सीरोप्रीवैलेंस’ के साथ सूची में सबसे ऊपर है जबकि केरल 44.4 प्रतिशत के साथ सबसे नीचे है।

असम में ‘सीरोप्रीवैलेंस’ 50.3 प्रतिशत और महाराष्ट्र में 58 प्रतिशत है। भारत के 70 जिलों में आईसीएमआर द्वारा किए गए राष्ट्रीय सीरो सर्वे के चौथे दौर के निष्कर्षों को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने बुधवार को साझा किया। सर्वेक्षित जनसंख्या में ‘सीरोप्रीवैलेंस’ राजस्थान में 76.2 प्रतिशत, बिहार में 75.9 प्रतिशत, गुजरात में 75.3 प्रतिशत, छत्तीसगढ़ में 74.6 प्रतिशत, उत्तराखंड में 73.1 प्रतिशत, उत्तर प्रदेश में 71 प्रतिशत, आंध्र प्रदेश में 70.2 प्रतिशत, कर्नाटक में 69.8 प्रतिशत, तमिलनाडु में 69.2 प्रतिशत और ओडिशा में 68.1 प्रतिशत पाई गई।

निष्कर्षों का उल्लेख करते हुए, स्वास्थ्य मंत्रालय ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को सलाह दी है कि वे आईसीएमआर के परामर्श से स्वयं के सीरो अध्ययनों का संचालन करें ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि ये अध्ययन एक मानकीकृत प्रोटोकॉल का पालन करते हैं। 

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