नई दिल्लीः सरकार ने बुधवार को सर्वदलीय बैठक में कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से बातचीत में इस बात पर जोर दिया कि पश्चिम एशिया में युद्ध जल्द खत्म होना चाहिए क्योंकि इससे सभी को नुकसान हो रहा है। सूत्रों का कहना है कि सरकार ने पश्चिम एशिया संघर्ष में कथित मध्यस्थता के संदर्भ में पाकिस्तान को ‘‘दलाल’’ राष्ट्र करार दिया। भारत ने मध्य पूर्व युद्ध में मध्यस्थता करने के पाकिस्तान के प्रयास का मज़ाक उड़ाया है और वैश्विक कूटनीति में भूमिका निभाने की कोशिश कर रहे इस्लामाबाद को लेकर कड़े शब्दों का इस्तेमाल किया है।
सूत्रों के अनुसार, आज दिल्ली में हुई सर्वदलीय बैठक में विदेश मंत्री एस जयशंकर ने पाकिस्तान को "दलाल (दलाल) राष्ट्र" कहकर उपहास किया। बैठक में मौजूद एक सदस्य ने मंत्री के हवाले से बताया, "भारत पाकिस्तान की तरह दलाल (दलाल) राष्ट्र की भूमिका नहीं निभाएगा।" पाकिस्तान ने मौजूदा युद्ध को समाप्त करने के लिए वाशिंगटन और तेहरान के बीच मध्यस्थता करने की पेशकश की है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा पाकिस्तान के शहबाज शरीफ की उस पोस्ट को साझा करने के बाद सक्रिय बैकचैनल कूटनीति की अटकलें तेज हो गई हैं, जिसमें उन्होंने समाधान में मदद करने की इच्छा व्यक्त की थी। एनडीटीवी को सूत्रों ने बताया कि इस तरह के कदम वाशिंगटन और इस्लामाबाद के बीच द्विपक्षीय संबंधों से प्रेरित हैं।
एक सूत्र ने बताया कि इस्लामाबाद 1981 से ऐसा कर रहा है और उसने वाशिंगटन और इस्लामाबाद के बीच संचार को सुगम बनाने के लिए पाकिस्तान द्वारा संचालित अमेरिकी दूतावास में 'हित अनुभाग' का हवाला दिया। मध्य पूर्व संकट से निपटने के अपने तरीके का बचाव करते हुए, इसने कथित निष्क्रियता और नीतिगत अस्पष्टता को लेकर हो रही आलोचना को खारिज कर दिया।
कहा कि भारत बयानों, राजनयिक संपर्कों और सभी हितधारकों के साथ संचार के माध्यम से जुड़ा हुआ है। ट्रंप ने होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने के लिए ईरान को दी गई समयसीमा बढ़ा दी है। अमेरिका ईरान के ऊर्जा संयंत्रों पर हमले को अब पांच दिन के लिए टाल देगा। अमेरिकी दूत एक ‘‘सम्मानित’’ ईरानी नेता के साथ बातचीत कर रहे हैं और ईरान ‘‘समझौता करना चाहता है।’’
पश्चिम एशिया संकट पर विपक्ष को पर्याप्त जानकारी दी गई: सरकार
सरकार ने बुधवार को कहा कि सर्वदलीय बैठक में विपक्ष को पश्चिम एशिया संकट के विषय पर पर्याप्त जानकारी दी गई और विपक्षी नेताओं ने भी विश्वास दिलाया कि संकट की इस घड़ी में वो सरकार द्वारा उठाए जाने वाले कदमों का समर्थन करेंगे। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू ने कहा कि आज की बैठक में विस्तृत जानकारी दिए जाने के बाद फिलहाल विपक्ष को और जानकारी मांगने की जरूरत नहीं पड़ेगी।