हैदराबाद: केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने कहा कि पश्चिम बंगाल में भाजपा की सरकार आएगी, इसका हमें पूरा विश्वास है। वहां की जनता ममता बनर्जी से नाराज है, उनके राज में वहां गुंडागर्दी, हिंसा बहुत बढ़ गई है, कानून-व्यवस्था की धज्जियां उड़ गई हैं। इस बार भाजपा की सरकार बनेगी और वहां ममता दीदी का जाना तय है। असम में भी भाजपा की सरकार बनेगी...केरल की जनता भी परिवर्तन चाहती है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि मैदान पर मोहन बागान और ईस्ट बंगाल की स्पर्धा ऐतिहासिक है। दोनों विजय प्राप्त करने के लिए जी जान से जुट जाते हैं, जब आर जी कर मेडिकल कॉलेज में एक डॉक्टर बेटी के साथ अन्याय किया गया, हत्या की गई तो बंगाल का हर परिवार, हर युवा सड़क पर आ गया था।
यहां तक मोहन बागान और ईस्ट बंगाल भी बेटियों के साथ हुई निर्ममता के खिलाफ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हो गए थे। यानी बेटियों का सम्मान और जान को बचाने के लिए हम सभी को एकजुट होकर निर्मम सरकार को सबक सिखाना है...मोदी ने बंगाल की बहनों और बेटियों के लिए भी एक गारंटी दी है। बेटियों के साथ हुए हर अन्याय, हर दुष्कर्म केस की फाइल खुलेगी।
अपराध करने वाले और अपराधियों को बचाने वालों को कोई नहीं बचाएगा। चुन-चुन कर हिसाब लिया जाएगा। ये कैसे होगा? ये बंगाल भाजपा ने अपने घोषणापत्र में स्पष्ट किया है। एक रिटायर्ड हाई कोर्ट की महिला जज को इस काम की जिम्मेदारी दी जाएगी। महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हर ब्लॉक में महिला थाने बनाए जाएंगे।
TMC कभी आदिवासी क्षेत्रों का उन्नयन नहीं कर सकती। मैं आपको पीएम जन मन योजना का उदाहरण देता हूं। देश के हर राज्य में आदिवासियों को इस योजना का लाभ मिल रहा है। केंद्र सरकार इस योजना पर करीब 25 हजार करोड़ रुपये खर्च कर रही है। पास में ओडिशा में ही जहां भाजपा की सरकार है वहां पीएम जन मन योजना के तहत आदिवासियों के 30 हजार से अधिक घर बने हैं।
त्रिपुरा में भी ट्राइबल समाज के लिए 16 हजार से ज्यादा घर बनाए गए हैं। लेकिन यहां TMC की आदिवासी विरोधी सरकार ने पीएम जन मन योजना के तहत जानते हैं कितने घर बनाए? शून्य। एक भी घर नहीं बनाया। पैसे भारत सरकार देती है। आदिवासी समाज से इनकी दुश्मनी क्या है कि वे पक्का घर भी देने को तैयार नहीं।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा, "भाजपा ने तय किया है कि हमारी सरकार बनते ही कुड़माली भाषा को आठवीं अनुसूची में हम दायर करा देंगे। राजवंशी और कुड़माली दोनों भाषाएं बंगाल, असम और झारखंड की प्रमुख भाषाएं हैं और उनको आठवीं अनुसूची में लाने का काम भाजपा की सरकार करेगी। "