चंडीगढ़: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने शुक्रवार को पार्टी सहयोगी एवं राज्यसभा सदस्य राघव चड्ढा की आलोचना करते हुए कहा कि वह दबाव में काम कर रहे थे और उन्होंने आप आदमी पार्टी (आप) के रुख के विपरीत काम किया है। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि अगर वैध मतदाताओं को मताधिकार से वंचित करने, फर्जी मतदाता सूची बनाने, जाति और धर्म के आधार पर पंजाब में संघर्ष पैदा करने जैसे मुद्दों पर पार्टी की एक ही राय हो और इन मुद्दों पर बोलने के बजाय, अगर कोई हवाई अड्डे पर खाने की कीमतों, डिलीवरी के समय जैसे मुद्दों पर बोलने लगे।
क्या शक नहीं होगा कि वह किसी और के इशारे पर बोल रहा है? यह पूछे जाने पर कि क्या राघव चड्ढा किसी पार्टी से जुड़े हुए हैं, उन्होंने कहा, "हां।" मान ने कहा कि अगर चड्ढा पश्चिम बंगाल में मतदाताओं के नाम हटाने जैसे मुद्दों पर बोलने को तैयार नहीं हैं, महत्वपूर्ण मुद्दों पर संसद से बहिर्गमन नहीं करते हैं या गुजरात में कई ‘आप’ कार्यकर्ताओं और नेताओं की गिरफ्तारी के खिलाफ आवाज नहीं उठाते हैं।
तो यह पार्टी के रुख से अलग होना है। राज्यसभा में राघव चड्ढा को उपनेता पद से हटाए जाने पर पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि यह पार्टी की नियमित प्रक्रिया है, वे जो बयान देना चाहते हैं, वह उनका अपना फैसला है..." उन्होंने यह भी कहा, "पार्टी की नीतियों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।
राज्यसभा में राघव चड्ढा को उप-नेता के पद से हटाए जाने पर दिल्ली विधानसभा में विपक्ष की नेता आतिशी ने कहा कि आज हमारा देश एक संकट के दौर से गुज़र रहा है। लोकतंत्र और संविधान पर हमले हो रहे हैं। पश्चिम बंगाल चुनावों में वोटों की चोरी की जा रही है। पूरा विपक्ष इसके खिलाफ आवाज़ उठा रहा है। TMC महाभियोग प्रस्ताव लाती है, लेकिन राघव चड्ढा उस पर दस्तखत करने से मना कर देते हैं।
वह सदन से वॉकआउट करने से भी मना कर देते हैं... LPG संकट हर आम आदमी की ज़िंदगी पर असर डाल रहा है। जब पार्टी राघव चड्ढा से इस मुद्दे पर बोलने को कहती है, तो वह बोलने से मना कर देते हैं। वह BJP और PM मोदी के खिलाफ बोलने से डरते हैं... विपक्ष के कई नेता डरकर BJP में शामिल हो गए। राघव चड्ढा अगले हो सकते हैं..."
राघव चड्ढा को राज्यसभा में पद से हटाना ‘आप’ का आंतरिक मामला लेकिन बोलने से रोकना गलत : भाजपा
भाजपा ने शुक्रवार को कहा कि राज्यसभा में आम आदमी पार्टी (आप) के उपनेता पद से राघव चड्ढा को हटाना पार्टी का आंतरिक मामला है, लेकिन उन्हें सदन में बोलने से रोकना गलत है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की दिल्ली इकाई के अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने ‘आप’ के संयोजक अरविंद केजरीवाल को एक ‘‘डरपोक’’ नेता बताया जो अपनी पार्टी में ‘‘किसी भी सक्षम व्यक्ति को बर्दाश्त नहीं कर सकते।’’