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विनय रेड्डी: अमेरिका के राष्ट्रपति को शब्द देने वाला भारतीय मूल का भाषण लेखक

By भाषा | Updated: January 24, 2021 13:02 IST

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नयी दिल्ली, 24 जनवरी अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन ने बुधवार को शपथ ली और पहली बार अपने देश के लोगों को संबोधित किया तो उनके भाषण पर पूरी दुनिया की नजरें थीं, हर कोई जानना चाहता था कि वह आखिर क्या कहने वाले हैं, लेकिन एक शख्स ऐसा था, जिसे पहले से पता था कि बाइडेन क्या बोलने वाले हैं क्योंकि बाइडेन का भाषण उन्हीं की कलम से निकला था। हम बात कर रहे हैं भारतवंशी विनय रेड्डी की, जिन्हें अमेरिका के नये राष्ट्रपति ने अपनी स्पीचराइटर (भाषण लेखक) टीम का डायरेक्टर बनाया है।

चुनाव प्रचार के दौरान दिए जाने वाले भाषणों की किसी भी व्यक्ति की हार जीत में एक अहम भूमिका होती है। अमेरिकी राष्ट्रपति के चुनाव के दौरान राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार जो बाइडन और उपराष्ट्रपति पद की उम्मीदवार कमला हैरिस ने प्रचार अभियान के दौरान जो भाषण दिए और जिन शब्दों के दम पर अमेरिकी मतदाताओं को अपने पक्ष में वोट डालने के लिए प्रेरित किया, वह भी विनय रेड्डी द्वारा ही लिखे गए थे। विनय रेड्डी पिछले काफी समय से जो बाइडन से जुड़े हैं। 2013 से 2017 के बीच बराक ओबामा के दूसरे कार्यकाल में जब जो बाइडन उप राष्ट्रपति थे, तब भी उनके स्पीचराइटर विनय रेड्डी ही थे।

तेलंगाना राज्य के करीमनगर जिले के पोथीरेड्डीपेट गांव से ताल्लुक रखने वाले विनय रेड्डी के पिता का नाम नारायण रेड्डी और मां का नाम विजया रेड्डी है। विनय के दादा तिरूपति रेड्डी गांव के प्रधान हुआ करते थे। पोथीरेड्डीपेट गांव में प्रारंभिक शिक्षा ग्रहण करने के बाद नारायण रेड्डी ने हैदराबाद से एमबीबीएस किया और 1970 में अमेरिका चले गए।

विनय का जन्म अमेरिका के ओहायो राज्य में हुआ। प्रारंभिक शिक्षा ग्रहण करने के बाद उन्होंने ओहायो स्टेट यूनिवर्सिटी कॉलेज ऑफ लॉ से पढ़ाई की और आगे की पढ़ाई मियामी यूनिवर्सिटी से की। फिलहाल वह न्यूयॉर्क में रहते हैं और उनके परिवार में पत्नी और दो बेटियां हैं। अमेरिका में बसने के बावजूद रेड्डी परिवार अपनी जड़ों से सदा जुड़ा रहा और गांव में उनका आना जाना बराबर बना रहा। आज भी उनके पैतृक गांव में उनका घर और जमीन है।

आधिकारिक जानकारी के अनुसार ओबामा प्रशासन में उपराष्ट्रपति के रूप में जो बाइडन का कार्यकाल समाप्त होने के बाद विनय ने नेशनल बास्केटबाल एसोसिएशन में स्ट्रेटेजिक कम्युनिकेशंस के उपाध्यक्ष के तौर पर काम किया। इससे पहले वह अमेरिका की पर्यावरण सुरक्षा एजेंसी और हेल्थ एंड ह्यूमन सर्विसेज में वरिष्ठ स्पीचराइटर रहे। ओबामा-बाइडेन के पुनर्चुनाव में भी विनय उनके डिप्टी स्पीचराइटर थे और अपने गृहराज्य ओहायो के सीनेटर शेरोद ब्राउन के लिए भी उन्होंने भाषण लिखने का काम किया।

यह जान लेना दिलचस्प होगा कि हमारे यहां जो भाषण अकसर ‘‘भाइयों और बहनों’’ से शुरू होते हैं, अमेरिका में उन्हें तैयार करने वालों की बाकायदा एक टीम होती है। दुनिया के सबसे विशाल और सबसे पुराने लोकतंत्र अर्थात भारत और अमेरिका में एक और फर्क यह भी है कि हमारे यहां पद की शपथ लेने के बाद भाषण देने की कोई परंपरा नहीं है, जबकि अमेरिका में राष्ट्रपति के भाषण की परंपरा जॉर्ज वॉशिंगटन के समय से चली आ रही है।

इतिहास गवाह है कि जार्ज वॉशिंगटन 30 अप्रैल 1789 को जब अमेरिका के पहले राष्ट्रपति बने थे, तो उन्होंने अपने पहले भाषण में नई और मुक्त सरकार के बारे में बात की थी और अपने दूसरे कार्यकाल में उन्होंने 135 शब्दों की इतिहास की सबसे छोटी तकरीर दी थी जबकि, 1841 में विलियम हैनरी हैरिसन ने 8455 शब्दों वाला सबसे लंबा भाषण दिया था।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

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