लाइव न्यूज़ :

वीडियो: वैलेंटाइन डे के एक दिन पहले प्रोफेसर ने 40 छात्राओं को दिलाई 'प्यार और लव मैरिज न करने' की शपथ

By स्वाति सिंह | Updated: February 15, 2020 14:57 IST

इस घटना के बाद कॉलेज प्रशासन ने सफाई दी है कि लड़कियों ने यह अपने मन से किया और उन्हें प्रतिज्ञा लेने के लिए मजबूर नहीं किया गया। जबकि, वीडियो में साफतौर से देखा जा सकता है कि एक प्रोफेसर कहने के बाद लड़कियां को दोहराने के लिए कह रहे हैं। 

Open in App
ठळक मुद्देछात्राओं को लव मैरिज ना करने की अजीबोगरीब प्रतिज्ञा दिलाई गई है। कॉलेज का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। 

महाराष्ट्र के एक कॉलेज में वेलेंटाइन डे के एक दिन पहले छात्राओं को लव मैरिज ना करने की अजीबोगरीब प्रतिज्ञा दिलाई गई है। दरअसल, अमरावती जिले के महिला आर्ट्स एंड कॉमर्स कॉलेज में लड़कियों को शपथ दिलाई गई कि वे न ही प्यार करेंगी और न प्रेम-विवाह। प्रोफेसरों की मौजूदगी में दिलाई जा रही प्रतिज्ञा का विडियो सामने आने के बाद काफी आलोचना हो रही है। कॉलेज का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। 

इस वीडियो में साफ तौर पर देखा जा सकता है कि छात्राओं ने शपथ में कहा, 'मैं शपथ लेती हूं कि मुझे मेरे परिजनों पर पूरा भरोसा है और मैं किसी से प्यार नहीं करूंगी और ना ही लव मैरिज करूंगी।' इसके साथ ही शपथ में यह भी जोड़ा गया था कि दहेज मांगने वाले से शादी नहीं करूंगी। 

हालांकि, इस घटना के बाद कॉलेज प्रशासन ने सफाई दी है कि लड़कियों ने यह अपने मन से किया और उन्हें प्रतिज्ञा लेने के लिए मजबूर नहीं किया गया। जबकि, वीडियो में साफतौर से देखा जा सकता है कि एक प्रोफेसर कहने के बाद लड़कियां को दोहराने के लिए कह रहे हैं। 

इंडियन एक्सप्रेस में छपी एक रिपोर्ट के मुताबिक कॉलेज में राजनीति विज्ञान के प्रोफेसर प्रदीप डांडे ने कहा कि"युवाओं के समक्ष चुनौतियां'' शिविर में महिलाओं के साथ चर्चा के दौरान इस तरह की शपथ दिलाने का विचार मेरे मन में आया। चर्चा के दौरान मैंने लड़कियों से पूछा कि वे प्रेम विवाह की ओर क्यों ललचाती हैं? लड़कियां क्यों भागती हैं? क्या उन्होंने अपने माता-पिता पर विश्वास खो दिया है? इसके बाद उन्हें यह शपथ दिलाई गई।' यह पूछे जाने पर कि क्या शपथ लेना अनिवार्य है? इसपर डंडे ने कहा, 'नहीं। यह वैकल्पिक था। हमारा उन पर आरोप लगाने का कोई इरादा नहीं था। तो जो लड़कियां सहमत थीं उन्होंने शपथ ली जबकि अन्य बाहर रहीं। "

कॉलेज के प्रिंसिपल राजेंद्र हावरे के मुताबिक शिविर में भाग लेने वाली 100 में से लगभग 40 लड़कियों ने यह शपथ ली। जब प्रिंसिपल हावरे से पूछा गया कि वह प्रोफेसर डंडे के विचार से सहमत कैसे हुए। इसपर उन्होंने कहा 'इसमें सहमत होने या ना होने जैसा कोई सवाल ही नहीं है। लड़कियां ऑटो-रिक्शा चालकों और ठेला-रेडी वालों के साथ भाग जाती हैं। क्या माता-पिता अपनी बेटियों को इसीलिए कॉलेज भेजते हैं? ऐसे में हमारा ख्याल है कि उन्हें पहले अपनी पढ़ाई पर ध्यान देना चाहिए और बाद में शादी के बारे में सोचना चाहिए। '

जब इंडियन एक्सप्रेस के रिपोर्टर ने यह पूछा कि कोई भी कम उम्र में प्यार में पड़ने के विचार का विरोध कैसे कर सकते हैं, इसपर हावरे ने कहा 'कोई भी प्यार का विरोध नहीं करता है, लेकिन युवाओं को प्यार और यौन आकर्षण के बीच अंतर को समझना चाहिए। माता-पिता अपने बच्चों को शिक्षा के लिए भेजते हैं और लड़कियां प्यार में पड़कर किसी के साथ भाग जाती हैं। ऐसे में यह हमारा कर्तव्य है कि हम छात्रों के बीच उनके माता-पिता और उनके करियर के प्रति जिम्मेदारी के मूल्यों को विकसित करें। इसलिए शपथ दिलाई गई'।

टॅग्स :महाराष्ट्रनागपुर
Open in App

संबंधित खबरें

क्राइम अलर्टसरपंच साहब पैसा चाहिए तो 6.37 लाख रुपये रिश्वत दो?, प्रथम श्रेणी अधिकारी विलास लाड अरेस्ट

क्राइम अलर्टशिक्षा संस्थाओं में भी अंधविश्वास का घेरा! 

भारतबारामती विधानसभा उपचुनावः सीएम फडणवीस की बात नहीं मानी?, कांग्रेस ने उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार के खिलाफ आकाश मोरे को चुनाव मैदान में उतारा

भारतLadki Bahin Yojana Row: महाराष्ट्र में 71 लाख महिलाएं अयोग्य घोषित, विपक्ष ने किया दावा, सरकार की जवाबदेही पर उठाए सवाल

भारतबारामती विधानसभा सीटः सुनेत्रा पवार के खिलाफ प्रत्याशी ना उतारें?, सीएम देवेंद्र फडणवीस ने कहा- निर्विरोध जिताएं, सभी दलों से की अपील

भारत अधिक खबरें

भारतगोदामों से सीधे एलपीजी सिलेंडर की बिक्री पर सख्त प्रतिबंध, सीएम रेखा गुप्ता ने कहा-भंडारण केंद्रों पर न जाएं और न ही भीड़ में इकट्ठा हों

भारतउच्च शिक्षा और अनुसंधान की चुनौतियां

भारतआदिवासी खेल: नई प्रतिभाओं की तलाश में एक सार्थक पहल

भारतUP की महिला ने रचा इतिहास! 14 दिनों में साइकिल से एवरेस्ट बेस कैंप पहुंचने वाली पहली भारतीय महिला बनीं

भारतयूपी बोर्ड ने 2026-27 के लिए कक्षा 9 से 12 तक NCERT और अधिकृत पुस्तकें अनिवार्य कीं