लाइव न्यूज़ :

वडोदरा: फुटपाथ पर 100 बच्चों को फ्री में ऐसे ट्यूशन दे रहा है यह इंजीनियर, 4 साल तक मंदिर में भी पढ़ा चूका है निशुल्क, खुद 5-6 छात्रों की भरता है स्कूल फीस

By आजाद खान | Updated: June 26, 2022 09:44 IST

फुटपाथ पर इस फ्री शिक्षा पर बोलते हुए सिविल इंजीनियर निकुंज त्रिवेदी का कहना है कि वह प्रदेश के गरीब बच्चों को शिक्षित करना चाहते है।

Open in App
ठळक मुद्देवडोदरा में एक सिविल इंजीनियर द्वारा फ्री में गरीब बच्चों को ट्यूशन मिल रहा है।यह इंजीनियर इन बच्चों को फुटपाथ पर ट्यूशन पढ़ाता है।इससे पहले वह मंदिर में भी चार साल तक बच्चों को पढ़ा चुका है।

गांधीनगर:गुजरात के वडोदरा में एक सिविल इंजीनियर द्वारा गरीब बच्चों को फ्री में फुटपाथ पर शिक्षा देने की बात सामने आई है। बताया जा रहा कि यह इंजीनियर उन बच्चों की मदद कर रहा है जिनके मां-बाप गरीब है और पढ़ाई के लिए उनके पास पैसे नहीं है। इस पर सिविल इंजीनियर निकुंज त्रिवेदी का कहना है कि वह प्रदेश के गरीब बच्चों को शिक्षित करना चाहते है, इसलिए वह इस तरीके से बच्चों की मदद कर रहे है। आपको बता दें कि उनके क्लास में ट्यूशन लेने के लिए कक्षा केजी से लेकर 10वीं तक के छात्र आते है और ऐसे में उनके पास करीब 100 बच्चे पढ़ाई करते हैं। 

बिना कोई फीस के 8 महीने से पढ़ा रहे है बच्चों को

इंडिया डाट काम के मुताबिक, सिविल इंजीनियर निकुंज त्रिवेदी के क्लास में सरकारी और निजी स्कूलों के बच्चे भी पढ़ाई करते है और ऐसे में उनकी यह कोशिश रहती है कि वह हर किसी को सही से समय दे पाएं। वे फ्री में इन बच्चों को फुटपाथ पर ट्यूशन पढ़ाने का काम कर रहे है। रिपोर्ट के अनुसार, निकुंज त्रिवेदी यहां इस फुटपाथ पर पिछले आठ महीने से पढ़ा रहे है। उनके मुताबिक, वे इससे पहले एक मंदिर में भी चार साल तक बच्चों को फ्री में पढ़ाया है। 

निकुंज त्रिवेदी का कहना है कि उनके पास वो बच्चे आते है जिनके मां-बाप आर्थिक रूप से कमजोर है, ऐसे में ये छात्र कोई ट्यूशन नहीं ले पाते है। इसलिए वे इन बच्चों को बिना कुछ फीस लिए हुए ही पढ़ाते है। 

5-6 बच्चों की भी देते है फीस, 3 भाषाओं में देते है शिक्षा

रिपोर्ट के अनुसार, निकुंज त्रिवेदी के पास जब केजी के छात्र आते है तो वो उन्हें बेसिक शिक्षा देते है, वहीं वे 5-10 के छात्रों को वे उनके पाठ्यक्रम के मुताबिक उन्हें शिक्षा देते है। त्रिवेदी इन में से छोटे  बच्चों को तीन भाषाओं में लिखना-पढ़ना सिखाते है। वे उन्हें गुजराती,अंग्रेजी और हिंदी की शिक्षा देते है। उन्होंने यह भी बताया कि वे आर्थिक रुप से बेहद कमजोर 5-6 छात्रों के स्कूल फीस भी भरते है। जिन छात्रों को त्रिवेदी ने पहले पढ़ाया है आज वहीं छात्र इन बच्चों को शिक्षा देने में उनकी मदद कर रहे है। 

काम करके इन बच्चों को दे रहे है शिक्षा

बताया जा रहा है कि त्रिवेदी काम करते हुए इन बच्चों को पढ़ा रहे है। वे अपने नौकरी के बाद समय निकालते है और उसी समय में वह फुटपाथ पर ही क्लास लेना शुरू कर देते है। 

टॅग्स :गुजरातएजुकेशनSchool Educationexam
Open in App

संबंधित खबरें

भारतगोदाम में भर रहे थे नाइट्रोजन गैस?, विस्फोट में 4 की मौत और 2 घायल

कारोबार‘युवा आबादी’ के लाभ को भुनाने की चुनौती?, 20 से 29 वर्ष के 6.3 करोड़ स्नातकों में से 1.1 करोड़ बेरोजगार?

भारतमध्य प्रदेश: सीएम मोहन यादव ने स्कूली छात्रों को बांटे किताबें-साइकिलें, बच्चों पर बरसाए फूल

भारतबोर्ड एग्जाम में उसने 93.88% अंक हासिल किए थे, लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंज़ूर था, राजस्थान की मेधावी छात्रा की हुई मौत

क्राइम अलर्टबिहार फर्जी नियुक्तः 2006 से 2015 के बीच दस्तावेजों की जांच, कुल 2953 शिक्षकों को आरोपी बनाया, जा सकते जेल,  वेतन और मानदेय में 1400 करोड़ रुपये खर्च?

भारत अधिक खबरें

भारतबारामती विधानसभा उपचुनावः सीएम फडणवीस की बात नहीं मानी?, कांग्रेस ने उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार के खिलाफ आकाश मोरे को चुनाव मैदान में उतारा

भारतUP की महिला ने रचा इतिहास! 14 दिनों में साइकिल से एवरेस्ट बेस कैंप पहुंचने वाली पहली भारतीय महिला बनीं

भारतLadki Bahin Yojana Row: महाराष्ट्र में 71 लाख महिलाएं अयोग्य घोषित, विपक्ष ने किया दावा, सरकार की जवाबदेही पर उठाए सवाल

भारतयूपी बोर्ड ने 2026-27 के लिए कक्षा 9 से 12 तक NCERT और अधिकृत पुस्तकें अनिवार्य कीं

भारतपाकिस्तान के रक्षामंत्री ख्वाजा आसिफ के कोलकाता पर हमले की धमकी वाले बयान पर सोशल मीडिया पर 'धुरंधर' अंदाज़ में आई प्रतिक्रिया