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"महिलाओं के बेपर्दा रहने पर बढ़ती है आवारगी" सपा नेता शफीकुर्रहमान बर्क ने दिया विवादित बयान, कही यह बात

By लोकमत न्यूज़ डेस्क | Updated: October 13, 2022 16:44 IST

आपको बता दें कि यह पहली बार नहीं है कि सपा नेता शफीकुर्रहमान बर्क ने इस तरीके का बयान दिया है। इससे पहले भी वे ऐसी ही बात कर चुके है।

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ठळक मुद्देसपा नेता शफीकुर्रहमान बर्क ने हिजाब को लेकर एक विवादित बयान दिया है। इसे लेकर उन्होंने कहा है, "बेपर्दा रहने पर आवारगी बढ़ती है।"इससे पहले भी वे विवादित बयान दे चुके है।

Hijab Ban Verdict: सपा के संभल से सांसद डॉ. शफीकुर्रहमान बर्क ने हिजाब को लेकर एक विवादित बयान दिया है। आज सुप्रीम कोर्ट द्वारा हिजाब बैन को लेकर कोई फैसला नहीं सुनाए जाने पर सपा नेता का बयान सामने आया है। 

इस पर बोलते हुए शफीकुर्रहमान बर्क ने कहा है कि महिलाओं की "बेपर्दा रहने पर आवारगी बढ़ती है।" हालांकि यह पहली बार नहीं है जब बर्क ने इस तरीके का बयान दिया है। आपको बता दें कि शफीकुर्रहमान  पर पहले भी विवाद वाले बयान देने का आरोप है। 

क्या कहा शफीकुर्रहमान बर्क ने

हिजाब और हिजाब बैन पर बोलते हुए सपा सांसद शफीकुर्रहमान बर्क ने कहा, 'अगर हिजाब हटाया जाएगा तो लड़कियां बेपर्दा होकर घूमेंगी और आवारगी बढ़ने से हालात बिगड़ेंगे।' इस पर बोलते हुए उन्होंने आगे कहा, अगर देश में हिजाब बैन होता है तो इससे केवल इस्लाम को ही नहीं बल्कि समाज को भी नुकसान होगा। 

बर्क ने यह भी उम्मीद जताई की इस मामले में सुप्रीम कोर्ट सही फैसला लेगी और हिजाब को बैन नहीं होने देगी। शफीकुर्रहमान बर्क ने देश को खराब करने का आरोप भी भाजपा पर लगा रहे है। 

इससे पहले क्या बयान दिए है

हिजाब को लेकर सपा नेता पहले भी बोल चुके है। इससो पहले उन्होंने कहा था, "इस्लाम के मुताबिक हिजाब इसलिए भी जरूरी है कि बच्चियां कंट्रोल में रहे जिससे हालात भी संभले रहेंगे। हिजाब पहनने से दूसरे लोग उन पर बुरी नजर नहीं डाल सकेंगे।" 

तब उन्होंने यह भी कहा था, "बच्चियों पर नियंत्रण के लिए हिजाब जरूरी है। इस्लाम कहता है जब बच्ची बड़ी होने लगे, जवान होने लगे तो उसे हिजाब में रहना चाहिए।"

हिजाब बैन पर क्या बोला सुप्रीम कोर्ट

आपको बता दें कि हिजाब बैन पर सुप्रीम कोर्ट आज अंतिम फैसला नहीं सुना पाया है। ऐसा इसलिए हुआ है क्योंकि हिजाब बैन को लेकर दोनों ही जजों की राय अलग-अलग थी। इस हालत में इसके फैसले के लिए इसे बड़ी बेंच को सौंपने के लिए सिफारिश की गई है। 

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