UP Police: उत्तर प्रदेश पुलिस का एक लेटर तेजी से वायरल हो रहा है जिससे प्रदेश में हड़कंप मच गया। लेटर में यूपी पुलिस की ओर से होने का दावा किया गया जिसमें भर्तियों को लेकर अपडेट दी गई थी। इस पत्र के वायरल होते ही बवाल मचने के बाद आज पुलिस को अपना ये पत्र वापस लेना पड़ा।
दरअसल, यह पत्र मिनिस्टीरियल स्टाफ की आउटसोर्सिंग से जुड़ा है। उत्तर प्रदेश पुलिस ने गुरुवार को देर रात स्पष्टीकरण देते हुए कहा कि यह पत्र 'गलती से' जारी हो गया था और अब इसे वापस ले लिया गया है।
उत्तर प्रदेश पुलिस ने इस पत्र पर बयान देते हुए कहा, "चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों की आउटसोर्सिंग की व्यवस्था पहले से ही चलन में है। गलती की वजह से चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों की जगह मिनिस्टीरियल स्टाफ के लिए जारी पत्र को रद्द कर दिया गया है। पुलिस विभाग और शासन स्तर पर ऐसा कोई मामला लंबित नहीं है।"
बयान में यह भी कहा गया है कि मिनिस्टीरियल स्टाफ के पदों को आउटसोर्स करने का कोई प्रस्ताव नहीं है। इस पत्र के कारण मिनिस्टीरियल स्टाफ के रूप में नियुक्ति चाहने वालों ने हंगामा मचा दिया था।
अखिलेश यादव का यूपी पुलिस को लेकर बयान
दूसरी ओर, उत्तर प्रदेश से लोकसभा चुनाव में 37 सीटें जीतने वाले समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने यूपी पुलिस की ओर से गलती से जारी लेटर पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा, "मैंने चुनाव के दौरान ही आगाह किया था कि सेना में अग्निवीर बनाने के बाद अगला नंबर उत्तर प्रदेश पुलिस के जवानों का है। सेना को अग्निवीर बनाने के बाद अब उत्तर प्रदेश पुलिस को भी अग्निवीर बनाने जा रही है भाजपा, उस दिन मेरी कहीं हुई बात सत्य हो गई है, उत्तर प्रदेश पुलिस में संविदा पर उपनिरक्षक लेखा के पदों को भरने की बात हो रही है।