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तो क्या CBI हो चुकी है देश की सबसे बदनाम एजेंसी, ये हैं वो 4 सीबीआई चीफ जिनकी वजह से संस्थान पर उठे सवाल

By लोकमत न्यूज़ डेस्क | Updated: February 12, 2019 18:03 IST

एम नागेश्वर राव ने सोमवार को स्वीकार किया कि सीबीआई का अंतरिम प्रमुख रहते हुए जांच एजेंसी के पूर्व संयुक्त निदेशक ए के शर्मा का तबादला करके उन्होंने ‘गलती’ की और उन्होंने उच्चतम न्यायालय से इसके लिये माफी मांगते हुए कहा कि शीर्ष अदालत के आदेशों का उल्लंघन करने की उनकी कोई मंशा नहीं थी।

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सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को सीबीआई के पूर्व अंतरिम निदेशक नागेश्वर राव के माफीनामे को अस्वीकार करते हुए फटकार लगाई है। चीफ जस्टिस रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली बेंच ने कहा कि नागेश्वर राव ने साफ़ तौर पर सुप्रीम कोर्ट के आदेश की अवमानना की है। लंबे समय से सीबीआई के कई अफसरों पर अलग-अलग तरह के आरोप लग रहे हैं तो सवाल यह खड़ा होता है कि क्या सीबीआई देश की सबसे बदनाम एजेंसी हो चुकी है। यहां हम आपको ऐसे 4 सीबीआई चीफ के बारे में बताने जा रहे हैं जिनकी वजह से संस्थान पर सवाल उठे।

नागेश्वर राव

नागेश्वर राव पर आरोप लगा है कि उन्होंने बिहार में बालिका गृह मामले की जांच कर रहे ए के शर्मा का तबादला किया था। यह तबादला उन्होंने 17 जनवरी को न्यायालय की पूर्व अनुमति के बगैर किया था। इस वजह से प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई ने शीर्ष अदालत के पिछले दो आदेशों का उल्लंघन किये जाने को गंभीरता से लेते हुए राव के खिलाफ अवमानना का नोटिस जारी किया था।

आलोक वर्मा

पूर्व सीबीआई चीफ आलोक वर्मा पर रिश्वतखोरी और कर्तव्य निर्वहन में लापरवाही का आरोप लग चुका है। इस वजह से उन्हें पीएम मोदी की अध्यक्षता वाली उच्चाधिकार चयन समिति ने सीबीआई चीफ के पद से हटा दिया था। आलोक वर्मा पर आरोप है कि उन्होंने गुड़गांव में एक जमीन खरीदने के मामले में 36 करोड़ रुपए का लेनदेन किया था। साथ ही वर्मा पर आरोप है कि उन्होंने लालू प्रसाद से जुड़े आईआरसीटीसी मामले में एक अफसर को बचाने के लिए एफआईआर में जानबूझकर उसका नाम शामिल नहीं किया था।

रंजीत सिन्हा

रंजीत सिन्हा पर कोयला घोटाले की जांच में अपने पद का गलत तरीके से इस्तेमाल करने का आरोप लग चुका है। सुप्रीम कोर्ट पैनल ने इस बात का खुलासा किया था कि सिन्हा ने कोयला घोटाले की जांच को प्रभावित करने की कोशिश की थी।

राकेश अस्थाना

सीबीआई के स्पेशल डायरेक्टर राकेश अस्थाना का नाम घूसकांड से सामने आया है। अस्थाना पर आरोप है कि उन्होंने हैदराबाद के व्यापारी सतीश बाबू सना को राहत देने के लिए रिश्वत ली थी। इस मामले में राकेश अस्थाना और देवेन्द्र कुमार पर एफआईआर भी दर्ज हुई थी।

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