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वर्तमान सरकार अपना कार्यकाल पूरा नहीं कर पाएगी, सेबी अध्यक्ष तुरंत इस्तीफा दें : पवन खेड़ा

By मुकेश मिश्रा | Updated: September 2, 2024 21:45 IST

पवन खेड़ा ने आज श्रीमती माधवी बुच द्वारा सेबी अध्यक्ष रहते हुए आईसीआईसीआई की दो कंपनियों से लगातार सैलरी लिए जाने का भंडाफोड़ करते हुए बैंक और सेबी दोनों पर गंभीर सवाल उठाए हैं। 

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इंदौर: जिस तरह से भाजपा सरकार कार्य कर रही है और साथी दलों में तोड़फोड़ की कोशिश कर रही है, मुझे लगता है कि मोदी सरकार को अपने कर्मों का फल भोगने के लिए पांच साल का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। पांच साल से काफी साल पहले ही यह सरकार गिर जायेगी। आगामी चार राज्यों के चुनावों में कांग्रेस चारों स्थानों पर सरकार बनाएगी जिसके बाद राष्ट्रीय राजनीति का परिदृश्य और बदलेगा। 

ये दावा कांग्रेस के मीडिया एवं प्रचार विभाग के प्रमुख एवं कांग्रेस वर्किंग कमेटी मेंबर पवन खेड़ा ने इंदौर में आयोजित एक कार्यक्रम में कही। भाजपा द्वारा अपने साथी दलों के सांसदों को तोड़ने की कोशिशों के सवाल पर जवाब दे रहे थे। उन्होंने आज श्रीमती माधवी बुच द्वारा सेबी अध्यक्ष रहते हुए आईसीआईसीआई की दो कंपनियों से लगातार सैलरी लिए जाने का भंडाफोड़ करते हुए बैंक और सेबी दोनों पर गंभीर सवाल उठाए हैं। 

उन्होंने सेबी अध्यक्ष से यह भी पूछा है कि क्या ऐसी और भी कंपनियां हैं जिनसे वे लाभ ले रही हैं। रेगुलेट करने का दायित्व वाली संस्था की प्रमुख द्वारा कंपनियों से लाभ लिए जाने की गंभीर कदाचरण,  हितों का टकराव और अनैतिक बताते हुए कहा कि अब भी यदि सरकार से पद से नहीं हटाया जाता तो उन्हें स्वयं पद से इस्तीफ़ा दे देना चाहिए। 

बुलडोज़र राज के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट के निर्णय का स्वागत

पवन खेड़ा ने खुशी व्यक्त की कि इस विषय में सुप्रीम कोर्ट ने स्वयं निर्णय लिया। देश में रूल ऑफ लॉ होना चाहिए, वरना पड़ोसी देश और भारत में फर्क क्या रह जायेगा। स्वतंत्र मीडिया को देश की ज़रूरत बताते हुए उन्होंने कांग्रेस सरकार बनने पर इस दिशा में कार्य करने की बात कही। 

मीडिया और विपक्ष का साथ ज़रूरी

पवन खेड़ा ने गोदी मीडिया को अनेक बार आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि स्वस्थ लोकतंत्र के लिए मीडिया और विपक्ष का गठजोड़ ज़रूरी है। लेकिन, हो यह रहा है कि कुछ  मीडिया सिर्फ राष्ट्रीय मुद्दों से ध्यान हटाने के लिए और सरकार को सवालों से बचाने के लिए निरर्थक मुद्दों पर बहस करते रहते हैं। कांग्रेस का हिन्दू हितों के प्रति जागरूक न होने का नैरेटिव से करने की कोशिश भी ऐसा ही मुद्दा है। भाजपा का एजेंडा देश का एजेंडा नहीं है। 

उन्होंने कहा कि कांग्रेस की जब देश में 400 से ज्यादा सीटें थीं तब भी मीडिया बेखौफ सरकार के खिलाफ रिपोर्ट देता था और अन्ना हजारे जैसे लोग निडर होकर आंदोलन करते थे। ये होता है लोकतंत्र।  आज मीडिया में हिम्मत नहीं है कि प्रधानमंत्री और सरकार से सवाल कर सके। आज कैग रिपोर्ट के खुलासे भी मीडिया की सुर्खियां नहीं बनते। गैर भाजपा सरकार वाले राज्यों की घटनाओं पर मीडिया बीस-बीस दिन डिबेट कराती है जबकि समान घटना भाजपा शासित राज्य में होने पर मीडिया संस्थान रस्म अदा कर चुप्पी ओढ़ लेते हैं। 

उन्होंने कहा कि मीडिया द्वारा गढ़ी गई अतिमानव की छबि का देश पर तो असर हुआ ही, स्वयं मोदीजी भी इसके शिकार हो गए और स्वयं को भगवान का अवतार मानने लगे। जब घमंड इस स्तर पर चढ़ जाए तो जनता सबक सिखाती ही है। 

मध्य प्रदेश में कांग्रेस की स्थिति सुधारेंगे 

पवन खेड़ा ने कहा कि मध्यप्रदेश में कांग्रेस की खराब स्थिति सुधारने के लगातार चर्चा जारी है तथा अनेक कदम उठाए जाने वाले हैं जिनका शीघ्र ही असर दिखेगा। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में भी कांग्रेस का नया दौर चल रहा है। कांग्रेस में देश की परिस्थितियों के प्रति लचीलापन, निरंतरता और राष्ट्रीय हित के प्रति दृढ़ता दोनों है। कांग्रेस छोड़कर भाजपा जाने वालों से कांग्रेस के कमजोर होने के सवाल पर उन्होंने कहा कि इन लोगों के जाने से कांग्रेस और मजबूत हुई है। 

कश्मीर चुनाव में भाजपा स्वयं सवालों के घेरे में : 

नेशनल कांफ्रेंस के घोषणापत्र को लेकर भाजपा द्वारा कांग्रेस से सवाल पूछे जाने को लेकर उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर भाजपा स्वयं कटघरे में है क्योंकि उसने पीडीपी जैसी कश्मीर में पाकिस्तान की मुद्रा भी चलाने और  विभाजनकारी एजेंडे वाली पार्टी के साथ गठबंधन भी किया और सरकार बनाई। 

महिला सुरक्षा पर दोहरा रवैया क्यों 

देश के मीडिया, सामाजिक संगठनों और केंद्र सरकार द्वारा महिला अपराधों पर सिलेक्टिव अप्रोच पर भी उन्होंने दुख व्यक्त किया। गैर भाजपा शासित राज्यों की घटनाओं पर ही क्यों विरोध होता है ?  बंगाल की घटना पर अनेक रैलियां निकालने वाली भाजपा बदलापुर, यूपी, मप्र, मणिपुर पर क्यों खामोश रहती है!

टॅग्स :Pawan Kheraकांग्रेसCongressICICI Bank
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