नई दिल्ली: दिल्ली की अदालत ने रेलवे में नौकरी के बदले जमीन मामले में राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) प्रमुख लालू यादव, राबड़ी देवी, तेजस्वी यादव, तेज प्रताप यादव और अन्य के खिलाफ आरोप तय किए हैं। इस बीच दिल्ली में लालू के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव, जो कि अपनी पार्टी जनशक्ति जनता दल बना चुके हैं, ने अपने पिता को चूड़ा दही के लिए आमंत्रित किया। बिहार में यह विशेष पकवान मकर संक्रांति के अवसर पर खाया जाता है।
पिता से मुलाकात के बाद तेज प्रताप ने मीडिया को बताया कि उन्होंने लालू प्रसाद यादव को चूड़ा दही के लिए आमंत्रित किया है। इस पर एक पत्रकार ने पूछा कि क्या लालू जी के आने की उम्मीद है? तो उन्होंने पूरे आत्मविश्वास के साथ कहा- वह आएंगे। उन्होंने कहा कि उन्होंने पिताजी से यहां आशीर्वाद लिया है। जनशक्ति जनता दल के प्रमुख तेज प्रताप यादव का कहना है, "मैंने उन्हें (लालू प्रसाद यादव को) 'चूड़ा-दही' (मकर संक्रांति) के लिए आमंत्रित किया है...वह आएंगे..."
आपको बता दें कि बिहार चुनाव से पहले तेज प्रताप को लालू यादव ने पार्टी से छह साल के लिए निष्कासित कर दिया था। जिसके बाद उन्होंने अपनी नई सियासी पार्टी की स्थापना की और चुनाव में गए। लेकिन दुर्भाग्य से उनकी पार्टी को एक भी सीट नसीब नहीं हुई। पार्टी से निकालते समय लालू ने तेज प्रताप की गतिविधि, लोक आचरण और गै़र ज़िम्मेदाराना व्यवहार हमारे पारिवारिक मूल्यों और संस्कारों के अनुरूप नहीं है।
दिल्ली की एक कोर्ट ने शुक्रवार को राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव, उनकी पत्नी राबड़ी देवी, बच्चों तेजस्वी यादव, तेज प्रताप यादव, मीसा भारती और कई अन्य लोगों पर कथित रेलवे लैंड-फॉर-जॉब्स स्कैम में भ्रष्टाचार और आपराधिक साज़िश का आरोप लगाया है।
कोर्ट ने लालू यादव पर भ्रष्टाचार रोकथाम अधिनियम के तहत भ्रष्टाचार के अपराध के साथ-साथ भारतीय दंड संहिता (IPC) के तहत अन्य अपराधों का भी आरोप लगाया है। उनके परिवार के सदस्यों पर धोखाधड़ी और आपराधिक साज़िश का आरोप लगाया गया है।
यह मामला सेंट्रल ब्यूरो ऑफ़ इन्वेस्टिगेशन (CBI) के आरोपों से जुड़ा है कि 2004 से 2009 के बीच केंद्रीय रेल मंत्री के तौर पर यादव के कार्यकाल के दौरान, उन्होंने उम्मीदवारों को ग्रुप D की नौकरियां दीं, जिसके बदले में ज़मीन के टुकड़े उनके परिवार को मामूली कीमतों पर ट्रांसफर किए गए।