तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026ः एक कदम और NDA, पलानीस्वामी से मिले अंबुमणि रामदास, बीजेपी के साथ पीएमके
By लोकमत न्यूज़ डेस्क | Updated: January 7, 2026 16:16 IST2026-01-07T16:15:30+5:302026-01-07T16:16:41+5:30
Tamil Nadu Assembly Elections 2026: “जनविरोधी” द्रविड़ मुन्नेत्र कषगम (द्रमुक) सरकार को हराने के लिए राजग में शामिल होने का फैसला लिया।

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चेन्नईः पीएमके के डॉ. अंबुमणि रामदास गुट ने तमिलनाडु में विधानसभा चुनाव से कुछ महीने पहले अन्नाद्रमुक के प्रमुख ई. पलानीस्वामी से मुलाकात करके बुधवार को राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) में शामिल होने का फैसला किया। तमिलनाडु में राजग का नेतृत्व अन्नाद्रमुक कर रही है। डॉ. अंबुमणि ने पलानीस्वामी के घर जाकर औपचारिक रूप से गठबंधन में शामिल होने की घोषणा की। इस गठबंधन में भाजपा भी शामिल है। पलानीस्वामी ने कहा, “पट्टाली मक्कल काट्ची (पीएमके) अब हमारे गठबंधन में शामिल हो गई है। जल्द ही और भी पार्टियां जुड़ेंगी।”
उन्होंने कहा कि पीएमके को कितनी सीटें मिलेंगी, इसका फैसला हो चुका है और जल्द इसकी जानकारी दी जाएगी। डॉ. अंबुमणि ने कहा कि उन्होंने “जनविरोधी” द्रविड़ मुन्नेत्र कषगम (द्रमुक) सरकार को हराने के लिए राजग में शामिल होने का फैसला लिया। गौरतलब है कि पीएमके इस समय दो धड़ों में बंटी हुई है।
एक धड़ा इसके संस्थापक डॉ. एस. रामदास जबकि दूसरा उनके बेटे डॉ. अंबुमणि का है। दोनों के बीच लंबे समय से नेतृत्व को लेकर मतभेद जारी हैं। पीएमके 2024 के लोकसभा चुनाव में भी राजग का हिस्सा थी। तमिलनाडु में 234 सदस्यीय विधानसभा के लिए इस साल मार्च-अप्रैल में चुनाव होने की संभावना है।
अमित शाह तमिलनाडु में हिंदुओं की स्थिति को लेकर सरासर झूठ बोल रहे हैं : स्टालिन
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने बुधवार को कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का यह आरोप कि तमिलनाडु में हिंदुओं के अधिकार छीने जा रहे हैं, सरासर गलत है और उनके पद की गरिमा के अनुरूप नहीं है। मुख्यमंत्री ने यहां एक सरकारी कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि उनकी सरकार सभी धर्मों के लोगों की आस्थाओं का सम्मान करती है और उनके धार्मिक अधिकारों की रक्षा करती है।
उन्होंने कहा, ‘‘तमिलनाडु जैसे राज्य में गृह मंत्री का यह आरोप कि हिंदुओं के अधिकार छीने जा रहे हैं, सरासर गलत और उनके पद की गरिमा के अनुरूप नहीं है। सच तो यह है कि राज्य में दंगे और विभाजन पैदा करने की मंशा रखने वालों की मानसिकता सफल नहीं हुई है।’’ स्टालिन ने कहा कि भविष्य में भी इस तरह की घटना कभी नहीं होगी और ‘‘हम इसे होने नहीं देंगे।’’
सत्तारूढ़ द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) ने जोर देकर कहा, ‘‘जब तक यह स्टालिन यहां है, ऐसा बिल्कुल नहीं होगा।’’ अमित शाह ने रविवार को तमिलनाडु के पुदुकोट्टई में एक जनसभा के दौरान द्रमुक पर राज्य में हिंदू धर्म और हिंदुओं की भावनाओं को लगातार अपमानित करने का आरोप लगाया था।
केंद्र में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता ने हिंदुओं पर हुए ‘अत्याचारों’ को लेकर स्टालिन सरकार की कड़ी आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि हिंदू पूजा-पाठ के तरीकों का ‘अपमान’ किया जा रहा है और दावा किया कि अयोध्या राम मंदिर भूमि पूजा के दौरान राज्य में ‘अघोषित कर्फ्यू लगा दिया गया था’।
शाह ने कहा, ‘‘उनके (द्रमुक के) वरिष्ठ नेता सनातन धर्म को डेंगू, मलेरिया कहते हैं। हिंदू शोभायात्राओं और विसर्जन (हिंदू देवी-देवताओं की मूर्तियों के विसर्जन) पर रोक लगा दी गई है। मैं स्टालिन से कहना चाहता हूं कि आपने हिंदुओं के खिलाफ अत्याचार करके संवैधानिक मूल्यों का उल्लंघन किया है।’’