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महंगा तलाकः पत्नी ने घर के रेंट के लिए पति से मांगे 25 लाख रुपए, सालाना खर्च 75 लाख रुपए, सुप्रीम कोर्ट ने कहा-पसंद का किराए का मकान देखें 

By भाषा | Updated: February 27, 2020 15:41 IST

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ठळक मुद्देयूपीएल ग्रुप के सीईओ जयदेव श्रॉफ और उनकी पत्नी पूनम के बीच चल रहा है तलाक का केसउद्योगपति की पत्नी ने कोर्ट में पेश की थी खर्चों की लिस्ट

उच्चतम न्यायालय ने उद्योगपति जयदेव श्राफ की पत्नी पूनम जयदेव श्राफ से कहा कि वह एक सप्ताह के भीतर मुंबई में अपनी पसंद का मकान खोजें अन्यथा वह बंबई उच्च न्यायालय की रजिस्ट्री से आवश्यक कदम उठाने के लिये कहेगा जो उसके लिये बाध्यकारी होगा। शीर्ष अदालत इस कथन से अप्रसन्न हुआ कि अभी तक उसके रहने योग्य कोई उचित मकान नहीं मिला है।

न्यायालय ने इससे पहले पूनम से कहा था कि वह अपनी पसंद का मकान खोजें क्योंकि उनके पति बांद्रा की कुटु्म्ब अदालत में लंबित विवाह विच्छेद के मामले का निस्तारण होने तक उसका किराया देने के लिये सहमत थे। प्रधान न्यायाधीश एस ए बोबडे, न्यायमूर्ति बी आर गवई और न्यायमूर्ति सूर्य कांत की पीठ ने कहा, ‘‘आप मकान चाहती हैं या नहीं? आप मकान खोजिये और अगले सप्ताह यहां आयें। मुंबई में हर तरह के लोग रहते हैं और हर किस्म के लोगों के लिये वहां मकान हैं।’’ पीठ ने कहा, ‘‘यदि आपको मकान नहीं मिला तो हम इसे आपकी ओर से सदाशयता की कमी मानेंगे। आप मकान का चयन कीजिये, वह (आपके पति) किराया देंगे। अन्यथा हम उच्च न्यायालय के रजिस्ट्रार जनरल को एक वास्तुशिल्पी का चयन करने के लिये कहेंगे जो आपके लिये मकान खोजेगा और आपको उससे संतोष करना पड़ेगा।’’

इस विवाह विच्छेद के मामले में महिला की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता श्याम दीवान ने कहा कि उसे किराये का मकान खोजने के लिये कहने की बजाये इस प्रस्ताव को धन में परिवर्तित कर दिया जाये और उसे सालाना 75 लाख रुपए खर्च के अलावा 25 लाख रुपए प्रतिमाह मकान के किराये के रूप में दिये जायें। पति की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने इस अनुरोध का विरोध किया और मकान के किराये का भुगतान करने की अपनी पेशकश दोहराई। पीठ ने इस मामले की सुनवाई छह मार्च के लिये स्थगित करते हुये स्पष्ट किया कि वह पक्षकारों को विस्तार से सुनेगी।

पीठ ने इससे पहले अपने आदेश में कहा था कि पूनम जयदेव श्राफ अपनी पसंद का मकान खोजेंगी जो पाली हिल, बांद्रा के आवास के समकक्ष हो। इससे पहले, बंबई उच्च न्यायालय ने इस महिला को बांद्रा स्थित पाली हिल में अपने पति के साझा बंगले में प्रवेश की अनुमति प्रदान की थी। सिंघवी ने कहा था कि इस महिला के पति जयदेव श्राफ ने अपनी पत्नी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करायी थी जिसमें उस पर आरोप लगाया गया था कि वह एक बंगाली बाबा की मदद से उसे संतरे के जूस में नशीला पदार्थ मिलाकर देती है।

हालांकि, पत्नी ने इस आरोप का पुरजोर खंडन किया था। सिंघवी का यह भी कहना था कि इस विवाह विच्छेद विवाद के अंतिम रूप से निबटारे के लिये उन्होंने 90 करोड़ रुपए देने की पेशकश की थी लेकिन इस पर कोई सहमति नहीं हो सकी।

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