लाइव न्यूज़ :

विशेष अदालत ने येदियुरप्पा के विरुद्ध जांच बंद करने की लोकायुक्त पुलिस की रिपोर्ट खारिज की

By भाषा | Updated: July 3, 2021 18:52 IST

Open in App

बेंगलुरु, तीन जुलाई जन प्रतिनिधियों से संबद्ध एक विशेष अदालत ने बेंगलुरु में बेशकीमती भूमि को गैर- अधिसूचित करने के 15 साल पुराने एक मामले में कर्नाटक के मुख्यमंत्री बी एस येदियुरप्पा के विरूद्ध जांच बंद करने की अनुमति मांगने वाली लोकायुक्त पुलिस की ‘बी-रिपोर्ट’ शनिवार को खारिज कर दी।

न्यायाधीश श्रीधर गोपालकृष्ण भट ने अपने आदेश में कहा, ‘‘ अपराध दंड प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) की धारा 173 (3) के तहत सौंपी गयी ‘बी रिपोर्ट’ खारिज की जाती है। सीआरपीसी की धारा 153 (3) के तहत, कर्नाटक लोकायुक्त की पुलिस शाखा, बेंगलुरु से संबद्ध पुलिस उपाधीक्षक को इस आदेश में की गयी टिप्पणी के आलोक में तेजी से मामले की आगे जांच करने और अंतिम/अतिरिक्त अंतिम रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया जाता है।’’

अदालत ने जांच अधिकारी को जांच में देरी के सिलसिले में कर्नाटक उच्च न्यायालय द्वारा की गयी टिप्पणी को भी ध्यान में रखने के बारे याद दिलाया।

यह मामला बेल्लंदूर और दीवारबीसनहल्ली में बेशकीमती भूमि को गैर अधिसूचित करने से जुड़ा है, इस भूमि का संबंध वार्थुर-व्हाईटफील्ड आईटी कॉरिडोर से था। यह भूमि 2000-01 में आईटी पार्क के लिए अधिग्रहित की गई थी।

हालांकि, 2006-07 में एच डी कुमारस्वामी के नेतृत्व वाली सरकार में उपमुख्यमंत्री रहे येदियुरप्पा ने इस जमीन को गैर अधिसूचित कर दिया। वासुदेव रेड्डी नामक एक व्यक्ति द्वारा लोकायुक्त अदालत में दायर की गई शिकायत में भूमि को गैर अधिसूचित करने में अनियमितता बरतने का आरोप लगाया था।

इसके बाद, लोकायुक्त अदालत ने लोकायुक्त पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। फिर, भ्रष्टाचार रोकथाम अधिनियम के तहत 21 फरवरी, 2015 को एक मामला दर्ज किया गया था।

दिसंबर, 2020 में येदियुरप्पा ने उच्च न्यायालय में याचिका दायर करके इस मामले को खारिज करने की मांग की थी। येदियुरप्पा ने दलील दी थी कि उच्च न्यायालय ने नौ अक्टूबर, 2015 को तत्कालीन उद्योग मंत्री और कांग्रेस नेता आर वी देशपांडे के विरूद्ध इसी तरह की प्राथमिकी खारिज कर दी थी, इसलिए उसके आधार पर उनके विरूद्ध भी जांच अवैध है। लेकिन उच्च न्यायालय ने उनकी दलील खारिज कर दी और पुलिस को जांच तेज करने का निर्देश दिया।

लोकायुक्त पुलिस ने विशेष अदालत में ‘बी रिपोर्ट’ दाखिल कर जांच बंद करने की अनुमति मांगी थी, जिसे रेड्डी ने चुनौती दी थी।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

Open in App

संबंधित खबरें

बॉलीवुड चुस्कीएक शब्द ने मचा दिया बवाल! राकेश बेदी को क्यों मांगनी पड़ी माफी?

भारतबिहार में शराबबंदी कानून को लेकर नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने उठाया सवाल, कहा- बिहार में 40 हजार करोड़ रुपये की एक समानांतर अवैध अर्थव्यवस्था खड़ी हो गई है

भारतमुख्यमंत्री नीतीश कुमार के सामने जदयू नेताओं ने लगाया निशांत कुमार जिंदाबाद, CM भी मुस्कुराए

स्वास्थ्यपुष्पा… नाम सुनकर फ्लावर समझे क्या? फायर है मैं…”

भारतबिहार में मुख्यमंत्री चुनना भाजपा के लिए बनी बड़ी सिरदर्दी, सम्राट चौधरी के नाम पर दल में टूट की संभावना, संघ बैकग्राउंड के नेता की हो रही है मांग

भारत अधिक खबरें

भारतएनएसजी कमांडोज के करतब देख रोमांचित हुए सीएम डॉ. मोहन, कहा- जवानों ने योग्यता-बुद्धिमत्ता-निडरता का अहसास कराया

भारतरामअवतार जग्गी हत्याः अमित जोगी को आजीवन कारावास की सजा

भारतबीजेपी 47वां स्थापना दिवस समारोहः करोड़ों कार्यकर्ता को बधाई, हम पार्टी को अपनी मां मानते हैं?, पीएम मोदी ने एक्स पर लिखा-भावुक पोस्ट, वीडियो

भारतBaramati Bypoll 2026: कौन हैं आकाश मोरे? बारामती उपचुनाव में महाराष्ट्र की उप मुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार से टक्कर?

भारतअसम की जनता ने इस बार दो काम पक्के किए?, पीएम मोदी बोले- एनडीए की हैट्रिक और कांग्रेस के शाही परिवार के नामदार की हार की सेंचुरी का रिकॉर्ड?