नई दिल्लीः प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा में कहा कि पश्चिम एशिया में स्थिति चिंताजनक है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मध्य पूर्व की मौजूदा स्थिति पर लोकसभा को संबोधित कर रहे हैं। भारत के सामने भी इस युद्ध ने अप्रत्याशित चुनौतियां खड़ी कर दी हैं। ये चुनौतियां आर्थिक भी हैं, राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी भी है और मानवीय भी हैं। युद्धरत और युद्ध से प्रभावित देशों के साथ भारत के व्यापक व्यापारिक रिश्ते हैं। जिस क्षेत्र में ये युद्ध हो रहा है, वह दुनिया के दूसरे देशों के साथ हमारे व्यापार का भी एक महत्वपूर्ण रास्ता है। विशेष रूप से कच्चे तेल और गैस की हमारी जरूरतों का एक बड़ा हिस्सा यही क्षेत्र पूरा करता है।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि 28 फरवरी को अमेरिका-इजराइल-ईरान युद्ध शुरू होने के बाद से अब तक 37 लाख से अधिक भारतीय सुरक्षित वापस लौट चुके हैं। अकेले ईरान से लगभग 1,000 भारतीय वापस आए हैं। अमेरिका-इजराइल-ईरान युद्ध की शुरुआत से ही सभी भारतीयों को हर संभव मदद मिल रही है।
प्रधानमंत्री मोदी ने लोकसभा में कहा कि पश्चिम एशिया हमारे व्यापार का एक प्रमुख मार्ग है। उन्होंने आगे कहा कि एक करोड़ से अधिक भारतीय खाड़ी देशों में रहते और काम करते हैं। कई कारणों से भारत चिंतित है, और इसीलिए यह महत्वपूर्ण है कि हम विश्व के सामने एक साझा आवाज उठाएं। भारत के सामने भी इस युद्ध ने अप्रत्याशित चुनौतियां खड़ी कर दी हैं।
ये चुनौतियां आर्थिक भी हैं, राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी भी है और मानवीय भी हैं। युद्धरत और युद्ध से प्रभावित देशों के साथ भारत के व्यापक व्यापारिक रिश्ते हैं। जिस क्षेत्र में ये युद्ध हो रहा है, वह दुनिया के दूसरे देशों के साथ हमारे व्यापार का भी एक महत्वपूर्ण रास्ता है। विशेष रूप से कच्चे तेल और गैस की हमारी जरूरतों का एक बड़ा हिस्सा यही क्षेत्र पूरा करता है।
इस समय पश्चिमी एशिया की हालत चिंताजनक है। बीते 2-3 हफ्तों में जयशंकर जी ने और हरदीप पुरी जी ने इस विषय पर संसद को जरूरी जानकारी दी है। अब इस संकट को 3 सप्ताह से ज्यादा हो रहा है। इसका पूरे विश्व की अर्थव्यवस्था पर, लोगों के जीवन पर बहुत ही विपरित असर हो रहा है। इसलिए पूरी दुनिया इस संकट के जल्द से जल्द समाधान के लिए सभी पक्षों से आग्रह भी कर रही है।
प्रधानमंत्री मोदी ने लोकसभा में कहा, "मैं पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष और इस कारण भारत में आई समस्या पर बात रखने के लिए उपस्थित हुआ हूं। वहां हालात चिंताजनक हैं... इस संकट को 3 सप्ताह से ज्यादा हो रहा है। इससे पूरे विश्व की अर्थव्यवस्था और लोगों के जीवन पर विपरीत असर हो रहा है... भारत के सामने भी इस युद्ध ने अप्रत्याशित चुनौतियां खड़ी की हैं..."
वेस्ट एशिया विवाद पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, "भारत के उन देशों के साथ बड़े पैमाने पर ट्रेड रिलेशन हैं जो लड़ाई में हैं और लड़ाई से प्रभावित हैं। जिस इलाके में लड़ाई हो रही है, वह दुनिया भर के दूसरे देशों के साथ हमारे ट्रेड के लिए भी एक ज़रूरी रास्ता है, खासकर हमारी क्रूड ऑयल और गैस की ज़रूरतों के एक बड़े हिस्से के लिए। यह इलाका हमारे लिए एक और वजह से भी ज़रूरी है।
लगभग 1 करोड़ भारतीय खाड़ी देशों में रहते और काम करते हैं। वहां कमर्शियल जहाज़ चलते हैं। भारतीय क्रू मेंबर्स की संख्या भी बहुत ज़्यादा है। इन अलग-अलग वजहों से, भारत की चिंताएं स्वाभाविक रूप से ज़्यादा हैं। इसलिए, यह ज़रूरी है कि इस संकट के बारे में पार्लियामेंट से दुनिया तक एक आवाज़ और आम सहमति पहुंचे।"
पश्चिम एशिया संघर्ष पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, "जब से यह युद्ध शुरू हुआ है, प्रभावित देशों में हर भारतीय को मदद दी गई है। मैंने ज़्यादातर पश्चिम एशियाई देशों के राष्ट्राध्यक्षों से 2 बार फ़ोन पर बात की है। सभी ने भारतीयों की सुरक्षा का भरोसा दिया है। संघर्ष के दौरान कुछ लोगों की जान गई है और कुछ घायल हुए हैं..."