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सीलमपुर हिंसा: 12 पुलिसकर्मियों, छह आम लोगों सहित 21 लोग घायल, पांच लोग हिरासत में

By भाषा | Updated: December 17, 2019 19:52 IST

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली के सभी लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है। जामिया मिल्लिया इस्लामिया के पास दक्षिण दिल्ली में स्थित न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी (एनएफसी) इलाके में रविवार को प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा के दो दिनों बाद सीलमपुर में यह प्रदर्शन हुआ।

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ठळक मुद्देप्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े और लाठीचार्ज किया।करीब डेढ़ घंटे तक गतिरोध जारी रहने के बीच कम से कम दो मोहल्लों से धुएं का गुबार उठता दिखा।

नागरिकता (संशोधन) कानून को रद्द करने की मांग कर रहे प्रदर्शनकारियों ने उत्तर-पूर्वी दिल्ली के सीलमपुर इलाके में मंगलवार को कई मोटरसाइकिलें फूंक दी, पुलिस कर्मियों पर पथराव किए और बसों व एक पुलिस चौकी को नुकसान पहुंचाया। हालांकि, पुलिस ने बताया कि स्थिति नियंत्रण में है।

दिल्ली पुलिस ने कहा कि सीलमपुर और जाफराबाद थानों में दो प्राथमिकियां दर्ज की गई है। 12 पुलिसकर्मियों, छह आम लोगों सहित 21 लोग घायल हुए। पांच लोग हिरासत में लिए गए है। वहीं, मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली के सभी लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है। जामिया मिल्लिया इस्लामिया के पास दक्षिण दिल्ली में स्थित न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी (एनएफसी) इलाके में रविवार को प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा के दो दिनों बाद सीलमपुर में यह प्रदर्शन हुआ।

प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े और लाठीचार्ज किया। करीब डेढ़ घंटे तक गतिरोध जारी रहने के बीच कम से कम दो मोहल्लों से धुएं का गुबार उठता दिखा। पुलिस ने बताया कि प्रदर्शनकारियों ने यातायात पुलिसकर्मियों की दो मोटरसाइकिलें जला दी। साथ ही, इलाके में एक पुलिस चौकी को भी नुकसान पहुंचाया गया और भीड़ ने वहां लगे सीसीटीवी कैमरे भी उखाड़ लिए और उन्हें अपने साथ ले गए। पुलिस ने बताया कि कुछ सुरक्षाकर्मी भी घटना में घायल हो गए।

हिंसा के बाद सीलमपुर और इससे लगे इलाकों में तनाव व्याप्त होने को लेकर बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी तैनात किए गए। पुलिस ने बताया कि प्रदर्शनकारी सीलमपुर से जफराबाद की ओर बढ़ रहे थे। सीलमपुर चौक पर उस वक्त झड़पें हुई, जब सुरक्षाकर्मियों ने प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोक दिया। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के मुताबिक दोपहर करीब बारह बजे विरोध प्रदर्शन शुरू हुआ। प्रदर्शनकारियों ने नये कानून के खिलाफ और राष्ट्रीय नागरिक पंजी (एनआरसी) के खिलाफ नारेबाजी की।

एक अन्य वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि स्थिति अब नियंत्रण में है। फैसल अहमद नाम के एक प्रदर्शनकारी ने बताया, ‘‘हम नागरिकता संशोधन कानून और एनआरसी के खिलाफ अपनी आवाज उठाने के लिए यहां आए। पुलिस के हमले में मेरे दाहिने पैर पर चोट लगी। ’’ प्रदर्शन में शामिल मोहम्मद सादिक ने ‘‘भाषा’’ को बताया कि उनका यह विरोध जामिया मिल्लिया इस्लामिया में छात्रों पर पुलिस की कार्रवाई तथा देश में एनआरसी लागू करने के लिए तैयार की जा रही पृष्ठभूमि के खिलाफ है। कासिम नामक एक अन्य व्यक्ति ने कहा ‘‘देश में एनआरसी लागू नहीं होना चाहिए। हमारा विरोध इसी बात को लेकर है। एनआरसी को देश भर में लागू करने की पृष्ठभूमि तैयार की जा रही।’’

मोबाइल रिपेयरिंग का काम सीख रहे नूर ने कहा कि संशोधित नागरिकता कानून और एनआरसी के जरिये हिंदू मुसलमानों के बीच दरार पैदा की जा रही है। उन्होंने कहा ‘‘जामिया में अगर विरोध प्रदर्शन हुआ भी था तो भी पुलिस को लाइब्रेरी और परिसर में घुसने का हक नहीं था।’’ वहीं, पुलिस ने बताया कि शुरूआत में लोगों का एक छोटा सा समूह था जिसने नये कानून के खिलाफ प्रदर्शन शुरू किया और वे सीलमपुर की गलियों में गए। जब वे जफराबाद मुख्य सड़क पर आए तब वहां करीब 3000 लोग थे और पुलिस वहां मौजूद थी। एक अन्य अधिकारी ने बताया कि वे लोग सीलमपुर टी-प्वाइंट की ओर बढ़ रहे थे जहां अवरोधक लगाए गए थे। पुलिस ने कई उदघोषणाएं कर उन्हें वहां से जाने को कहा।

अधिकारी ने कहा, ‘‘जब वे तितर बितर होने लगे तब अचानक ही पथराव हो गया। हमने उनसे पथराव नहीं करने के कई अनुरोध किए। लेकिन वे नहीं माने जिस वजह से हमें उन्हें तितर बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़ने के लिए मजबूर होना पड़ा।’’ उन्होंने बताया कि प्रदर्शनकारी तोड़फोड़ करने लगे। उन्होंने एक पुलिस चौकी को नुकसान पहुंचाया और वहां खड़ी एक मोटरसाइकिल में आग लगा दी। एक अधिकारी ने बताया कि कुछ पुलिसकर्मी घायल हो गये और भीड़ ने दो बसों की खिड़कियों के कांच तोड़ दिए। त्वरित कार्रवाई बल (आरएएफ) की एक बस पर भी पथराव किया गया। अधिकारी ने बताया, ‘‘हमने इलाके के सम्मानित लोगों और वहां मौजूद मस्जिदों एवं मदरसों के जरिए स्थानीय लोगों को भरोसे में लिया।’’

उन्होंने बताया कि प्रदर्शनकारियों के चलते हुए नुकसान का जायजा लिया जा रहा है। प्रदर्शन के मद्देनजर सात मेट्रो स्टेशन के प्रवेश एवं निकास द्वार बंद कर दिए गए और कुछ देर बाद उनमें से पांच के द्वार खोल दिए गए। इलाके से यातायात को भी मोड़ दिया गया। इस बीच, आम आदमी पार्टी (आप) और इसके सीलमपुर विधायक हाजी इशराक ने लोगों से शांतिपूर्वक अपना विरोध दर्ज कराने की अपील की है। उन्होंने एक वीडियो संदेश में कहा, ‘‘मैं सभी लोगों से अपना विरोध एवं संदेश शांतिपूर्वक तरीके से दर्ज कराने की अपील करता हूं। ’’

उन्होंने स्थानीय लोगों एवं युवाओं से विरोध दर्ज कराने के लिए इलाके में मुख्य सड़कों पर नहीं उतरने का अनुरोध किया। केजरीवाल ने ट्वीट किया, ‘‘मैं दिल्ली के सभी लोगों से शांति बनाए रखने की अपील करता हूं। सभ्य समाज में किसी तरह की हिंसा सहन नहीं की जाएगी। हिंसा से कुछ भी हासिल नहीं होगा। अपने विचार शांतिपूर्ण तरीके से रखिए।’’ आप ने भी लोगों से किसी हिंसा में संलिप्त नहीं होने और शांतिपूर्वक प्रदर्शन करने की अपील की। आप के वरिष्ठ नेता संजय सिंह ने कहा कि लोगों को शांति कायम रखनी चाहिए और शांतिपूर्वक प्रदर्शन करना चाहिए। 

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