पटनाः कांग्रेस नेता राहुल गांधी की संसद सदस्यता शुक्रवार को रद्द कर दिये जाने के बाद महागठबंधन के नेताओं ने विधानसभा के मुख्य द्वार से लेकर सदन तक मार्च निकाला। लेकिन इस मार्च से जदयू गायब रही। इसको लेकर कई तरह की अटकलें भी लगाई जा रही है। हालांकि, अब इस मामले पर जदयू ने सफाई दी है।
जदयू प्रवक्ता व विधान पार्षद नीरज कुमार ने कहा कि महागठबंधन के मार्च में जदयू से कोई क्यों नहीं था? इसकी मुझे जानकारी नहीं है। जदयू के शीर्ष नेतृत्व से मार्च में शामिल होने के लिए महागठबंधन के दलों ने संपर्क किया था? इसकी भी मुझे जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को कोर्ट ने दो साल की सजा सुनाई है।
यह अदालत का फैसला है। नीरज कुमार ने कहा कि जांच एजेंसियों का दुरुपयोग तो हो रहा है, लेकिन राहुल गांधी का मामले में न्यायालय ने आदेश दिया है। बता दें कि राहुल गांधी को दो साल की हुई सजा मामले पर महागठबंधन के नेताओं ने बैनर-पोस्टर लेकर मार्च निकाला। विधानसभा के मुख्य द्वार से सदन तक महागठबंधन के नेताओं ने मार्च किया।
वहीं, सदन की कार्यवाही शुरू होने पर सदन में भी महागठबंधन के दल राहुल गांधी मामले पर हंगामा किया, लेकिन जदयू के नेता शांत बैठे थे। उल्लेखनीय है कि राहुल गांधी के खिलाफ यह मामला उनकी उस टिप्पणी को लेकर दर्ज किया गया था, जिसमें उन्होंने कथित तौर पर कहा था कि सभी चोरों का समान उपनाम मोदी ही कैसे है?