तमाम कयासों पर विराम लगाते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रुडो से मुलाकात की। अमृतसर के एक प्राइवेट होटल में करीब 40 मिनट लंबी बैठक में कैप्टन अमरिंदर ने प्राथमिकता से खालिस्तान का मुद्दा उठाया। समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक कैप्टन अमरिंदर ने बताया कि उन्होंने जस्टिन ट्रूडो से मुलाकात में खालिस्तान का मुद्दा भी उठाया क्योंकि कनाडा सहित कई देशों से इसके लिए पैसा आ रहा है। दोनों नेताओं ने मुलाकात के बाद एक साझा प्रेस वक्तव्य भी जारी किया।
कनाडाई प्रधानमंत्री ने भरोसा दिया है कि कनाडा किसी भी प्रकार के अलगाववादी आंदोलन का समर्थन नहीं करता। अमरिंदर सिंह पहले भी कनाडा में खालिस्तान समर्थक नेताओं को शह मिलने की बात कह चुके हैं। पिछले साल कनाडा के रक्षामंत्री की भारत यात्रा पर कैप्टन अमरिंदर सिंह ने मुलाकात नहीं की थी।
बुधवार को ताज होटल में पंजाब के सीएम से मुलाकात के बाद जस्टिन ट्रुडो का कहना है कि उन्होंने अलगाववादी आंदोलन को देखा है और वो हिंसा के खतरे से भली-भांति वाकिफ हैं। वो ऐसे किसी भी आंदोलन का समर्थन नहीं करते। पंजाब के मुख्यमंत्री ने ट्रुडो को एक सूची सौंपी जिसमें उन संगठनों के नाम हैं जो पंजाब में हथियार और आतंकी गतिविधियों के लिए आर्थिक मदद उपलब्ध करवा रहे हैं।
इससे पहले कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रुडो ने परिवार समेत स्वर्ण मंदिर में मत्था टेका। ट्रुडो और उनका परिवार पारंपरिक पंजाबी परिधान में थे। उन्होंने मंदिर परिसर में करीब एक घंटे बिताए। कनाडा के प्रधानमंत्री ने लंगर में रोटियां भी बनाई और हाथ जोड़कर श्रृद्धालुओं का अभिवादन किया।
स्वर्ण मंदिर की यात्रा के दौरान पंजाब के केंद्रीय आवास एवं शहरी मामलों के मंत्री हरदीप सिंह पुरी और पंजाब के पर्यटन मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू भी साथ थे। ट्रूडो देश के विभाजन से जुड़े संग्रहालय भी देखने गए।