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राज्यसभा में जाएंगी प्रियंका गांधी वाड्रा!, भाजपा को साधने के लिए कांग्रेस का नया प्लान

By हरीश गुप्ता | Updated: February 14, 2020 08:54 IST

राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत चाहते हैं कि प्रियंका को राज्यसभा में लाया जाए। उनका कहना है कि राहुल गांधी पहले से ही लोकसभा में मोर्चा संभाल रहे हैं लेकिन उच्च सदन में भाजपा को साधने के लिए पार्टी को एक नए सशक्त चेहरे की आवश्यकता है.

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ठळक मुद्देप्रियंका गांधी वाड्रा इस समय पार्टी महासचिव के रूप में पूर्वी यूपी की प्रभारी हैं.राहुल गांधी पहले से ही लोकसभा में मोर्चा संभाल रहे हैं लेकिन उच्च सदन में भाजपा को साधने के लिए पार्टी को एक नए सशक्त चेहरे की आवश्यकता है.

 राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत इस बात के इच्छुक हैं कि प्रियंका गांधी वाड्रा को राजस्थान से राज्यसभा में लाया जाए. राज्य में राज्यसभा की तीन सीटें खाली होने वाली हैं और इनके लिए अगले महीने होने वाले द्विवार्षिक चुनावों में कांग्रेस दो सीटें जीतने की स्थिति में है. चर्चा है कि गहलोत चाहते हैं कि प्रियंका को राज्यसभा में लाया जाए और उनकी लोकप्रियता और करिश्मे का इस्तेमाल उत्तरप्रदेश के अलावा अन्य राज्यों में भी किया जाए. प्रियंका इस समय पार्टी महासचिव के रूप में पूर्वी यूपी की प्रभारी हैं .

प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी यूपी में पूरी तरह से ध्यान केंद्रित करने के लिए किराये का मकान लेकर लखनऊ में शिफ्ट होने की योजना भी फिलहाल छोड़ दी है और यूपी से अन्यत्र दिल्ली और अन्य जगहों पर सक्रियता दिखाई है.समझा जाता है कि गहलोत ने प्रियंका से हाल ही में इस बावत मुलाकात कर अपनी इच्छा से अवगत कराया है. वह चाहते हैं कि प्रियंका राज्यसभा में प्रवेश कर अधिक सक्रिय भूमिका निभाएं. राहुल गांधी पहले से ही लोकसभा में मोर्चा संभाल रहे हैं लेकिन उच्च सदन में भाजपा को साधने के लिए पार्टी को एक नए सशक्त चेहरे की आवश्यकता है.

राज्यसभा में विपक्ष के प्रमुख नेताओं में ज्यादातर बुजुर्ग नेता हैं . प्रियंका के सदन में प्रवेश से पार्टी को मजबूत बनाने में मदद मिलेगी. चूंकि सोनिया गांधी स्वास्थ्य कारणों से प्रचार करने में असमर्थ रही हैं, इसलिए पार्टी को संसद और बाहर सत्तारूढ़ भाजपा को घेरने के लिए दमदार चेहरे की जरूरत है.सूत्रों के अनुसार गहलोत ने गांधी परिवार के अन्य सदस्यों से भी इस संबंध में बात की है. ऐसी खबरें हैं कि राहुल गांधी के पार्टी अध्यक्ष के रूप में जल्द ही लौटने की संभावना है और उन्हें बड़े पैमाने पर दौरे करने होंगे. ऐसे में गहलोत को लगता है कि प्रियंका के राज्यसभा में प्रवेश से संसद में भी पार्टी काफी मजबूत होगी.

सूत्रों के अनुसार गहलोत के विचार से पार्टी के कुछ नेता सहमत नहीं हैं . उन्हे लगता है कि प्रियंका को लोकसभा में आना चाहिए क्योंकि गांधी परिवार के किसी सदस्य ने संसद में प्रवेश के लिए कभी राज्यसभा का रास्ता नहीं अपनाया. लेकिन गहलोत के समर्थकों ने यह ध्यान दिलाया है कि इंदिरा गांधी ने पहले राज्यसभा में प्रवेश किया और बाद में देश की सबसे कद्दावतर नेता बन गईं .गहलोत इंदिरा गांधी के मंत्रिमंडल में मंत्री और परिवार के वफादार रहे हैं. आधिकारिक तौर पर, पार्टी में इस मामले में कोई भी टिप्पणी करने को तैयार नहीं है. सभी का यह कहना है कि यह विशुद्ध रूप से 'परिवार' का निर्णय और नेतागण अपनी राय देने के लिए स्वतंत्र हैं.

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