भागलपुरः जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने कहा कि बिहार में मुख्यमंत्री का चेहरा वो होगा, जिसे प्रधानमंत्री मोदी और अमित शाह चाहेंगे। जिस व्यक्ति को 202 विधायकों का समर्थन होगा वो मुख्यमंत्री का पद छोड़कर राज्यसभा नहीं जाएगा। नीतीश कुमार शारीरिक और मानसिक तौर पर स्वस्थ न चुनाव से पहले थे और न अभी हैं इसीलिए उन्हें हटाया जा रहा है। लेकिन लोगों के साथ ये धोखा किसने किया? नीतीश कुमार ने किया, उनके दल ने किया, भाजपा के उन नेताओं ने किया जिन्हें पता था कि नीतीश कुमार स्वस्थ नहीं हैं।
प्रशांत किशोर ने कहा कि चुनाव से पहले से ही उनकी तबीयत ठीक नहीं थी, इसीलिए उन्हें हटाया जा रहा है, लेकिन बिहार की जनता के साथ विश्वासघात किसने किया? उनकी पार्टी और भाजपा ने जनता को ठगा है। अब बिहार के युवाओं को 1 करोड़ नौकरियां कौन देगा? आज मुख्यमंत्री का चेहरा वही होगा जो प्रधानमंत्री मोदी और अमित शाह चाहते हैं।
प्रशांत किशोर ने कई बाद नीतीश कुमार और भाजपा पर हमला किया है। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को "शारीरिक रूप से थका हुआ और मानसिक रूप से सेवानिवृत्त" बताते हुए कहा कि भाजपा बिहार में नीतीश कुमार को यूज कर रही है। भाजपा के नेता कई साल से अपना सीएम खोज रहे थे। बिहार में बीजेपी कई बार बड़ा भाई होने के बाद सीएम पोस्ट नीतीश कुमार को सौंप दिया।
आखिर क्यों। नीतीश कुमार गठबंधन बदलते हुए भी सत्ता पर काबिज रहने में कामयाब रहे हैं। इससे उन्हें जेडीयू के कम सीटों पर भी मुख्यमंत्री बने रहने का मौका मिला। नीतीश कुमार ने 2013 में भाजपा से संबंध तोड़ लिए थे, लेकिन चार साल बाद वापस लौट आए। इससे पहले उन्होंने 2015 से 2017 के बीच आरजेडी के साथ सत्ता साझा की थी। 2022 में वे फिर से आरजेडी के नेतृत्व वाले महागठबंधन में शामिल हो गए, लेकिन पिछले साल एनडीए में वापस आ गए।