अयोध्या: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पांच अगस्त को अयोध्या में राम मंदिर का भूमि पूजन के कार्यक्रम में शामिल होने वाले हैं। पीएम नरेंद्र मोदी ने राम मंदिर बनने की शुरुआत में अयोध्या में आने का वादा आज से 29 साल पहले 1991 में किया था। सोशल मीडिया पर 1991 की नरेंद्र मोदी (जब वह एक गुजरात के बीजेपी नेता थे) और बीजेपी के वरिष्ठ नेता मुरली मनोहर जोशी की एक तस्वीर वायरल हो रही है। इस तस्वीर को अयोध्या के फोटोग्राफर महेंद्र त्रिपाठी ने खींचा है। ऐसा उन्होंने दावा किया है। महेंद्र त्रिपाठी का रामजन्मभूमि के पास एक फोटो स्टूडियो है।
नरेंद्र मोदी अप्रैल 1991 में रामजन्मभूमि परिसर में मुरली मनोहर जोशी के साथ गए थे
टाइम्स ऑफ इंडिया से बात करते हुए फोटोग्राफर महेंद्र त्रिपाठी ने कहा है, ''मौजूदा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अप्रैल 1991 में अयोध्या दौरे पर आए थे। उस दौरान पीएम नरेंद्र मोदी ने मुरली मनोहर जोशी के साथ विवादित रामजन्मभूमि परिसर का भी दौरा किया था। मैं उस वक्त एक अयोध्या में एक अकेला फोटोग्राफर था, जो विश्व हिंदू परिषद (VHP) के लिए काम करता था। सोशल मीडिया पर मोदी और मुरली मनोहर जोशी की वायरल तस्वीप मैंने ही खींची थी, जिसके लिए मैं खुद पर गर्व करता हूं।''
'जिस दिन राम मंदिर बनेगा मैं वापस आऊंगा'
फोटोग्राफर महेंद्र त्रिपाठी ने उस दिन को याद करते हुए कहा है जोशी ने पत्रकारों से मोदी का परिचय गुजरात के बीजेपी नेता को रूप में करवाया था। महेंद्र त्रिपाठी ने कहा, 'जब मैंने और स्थानीय पत्रकारों ने मोदी जी से पूछा कि वह फिर कब अयोध्या लौटेंगे तो मोदी ने जवाब दिया था, ''जिस दिन राम मंदिर का निर्माण शुरू होगा, मैं लौटकर आऊंगा''। प्रधानमंत्री ने अपना वादा निभाएंगे।'
फोटोग्राफर महेंद्र त्रिपाठी हालांकि इस बात से नाराज हैं कि उन्हे राममंदिर भूमि पूजन में आने का न्योता नहीं दिया गया है। फोटोग्राफर महेंद्र त्रिपाठी का कहना है कि वह 1989 से विश्व हिंदू परिषद (VHP) के लिए काम कर रहे हैं। उन्होंने अयोध्या विवाद पर सुप्रीम कोर्ट के फैसला आने तक काम किया है।