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कश्मीर मुद्दे पर बीजेपी नेताओं को पीएम मोदी की नसीहत, कहा- अभी से गाल मत बजाओ, रास्ता लंबा है!

By आदित्य द्विवेदी | Updated: August 8, 2019 08:14 IST

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने कैबिनेट को याद दिलाया है कि इस फैसले पर सभी को साथ लेकर चलना चाहिए। इसके अलावा इस फैसले की 'प्रतिक्रिया' को लेकर भी आगाह किया।

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ठळक मुद्दे पीएम मोदी ने कहा, 'ये देश के लिए बड़ा दिन है। हमें दूरदर्शिता दिखाते हुए सभी को साथ लेने की कोशिश करनी चाहिए।'सत्ताधारी पार्टी होने की वजह से बीजेपी नेताओं को इसके दुष्परिणाम, लोगों के जीवन पर  होने वाले प्रभाव से अवगत होना चाहिए।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कैबिनेट की बैठक में जम्मू-कश्मीर पर प्रस्ताव को स्वीकृति देते हुए नेताओं को आगाह किया है। इंडियन एक्सप्रेस ने अपनी रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से लिखा है कि जम्मू-कश्मीर का स्पेशल स्टेटस हटने पर बीजेपी नेताओं को गाल बजाने की जरूरत नहीं है। अभी तो चुनौतियां शुरू हुई हैं।

रिपोर्ट के मुताबिक पीएम मोदी ने कहा, 'ये देश के लिए बड़ा दिन है। हमें दूरदर्शिता दिखाते हुए सभी को साथ लेने की कोशिश करनी चाहिए।' पांच अगस्त की सुबह कैबिनेट की बैठक में जब गृहमंत्री शाह ने जम्मू कश्मीर का स्पेशल स्टेटस खत्म करने और राज्य के पुनर्गठन का प्रस्ताव रखा तो नेताओं ने तालियां बजाई थी। इसे स्वीकृति देते हुए पीएम मोदी ने अपने कैबिनेट से तैयार रहने को कहा था।

इंडियन एक्सप्रेस ने एक अन्य सूत्र के हवाले से लिखा कि प्रधानमंत्री ने अपने कैबिनेट मंत्रियों को याद दिलाया कि सत्ताधारी पार्टी होने की वजह से बीजेपी नेताओं को इसके दुष्परिणाम, लोगों के जीवन पर  होने वाले प्रभाव से अवगत होना चाहिए। ना सिर्फ पार्टी को सभी को साथ लेना है बल्कि स्थिति के नियंत्रण के लिए सुरक्षा बलों का भी सहयोग करना है। रिपोर्ट के मुताबिक बीजेपी नेताओं और कार्यकर्ताओं से कश्मीर मुद्दे पर हो-हल्ला करने और जश्न मनाने से बचने को कहा गया है।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक कैबिनेट मंत्रियों को संदेश देने से पहले पीएम मोदी और गृहमंत्री शाह ने दोनों सदनों में बिल पारित कराने के लिए आंकड़े जुटा लिए थे। एक्सप्रेस के मुताबिक मोदी-शाह ने राज्यसभा चेयरमैन एम. वेंकैय्या नायडू से मुलाकात कर आंकड़े बता दिए थे।

वेंकैय्या नायडू को विश्वास में लेने के बाद बिल को पहले राज्यसभा में पेश करने का फैसला किया गया। शीर्ष नेतृत्व का मानना था कि लोकसभा में पारित कराने में दिक्कत नहीं होगी लेकिन अगर पहले राज्यसभा में पेश करेंगे तो विपक्ष के पास एक दिन का कम वक्त मिलेगा। सरकार की पूरी प्लानिंग सफल रही और दोनों सदनों ने प्रस्ताव और बिल को पारित कर दिया।

टॅग्स :जम्मू कश्मीरधारा ३७०नरेंद्र मोदीभारतीय जनता पार्टी (बीजेपी)
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