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PFI कार्यकार्ताओं ने पुणे में लगाया 'पाकिस्तान जिंदाबाद', 'अल्लाहु अकबर', 'नारा-ए-तकबीर' का नारा

By आशीष कुमार पाण्डेय | Updated: September 24, 2022 18:40 IST

पुणे में पीएफआई समर्थकों ने जिला कलेक्ट्रेट के सामने 'पाकिस्तान जिंदाबाद', 'अल्लाहु अकबर', 'नारा-ए-तकबीर' जैसा विवादास्पद नारा लगाया।

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ठळक मुद्देपॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया के समर्थकों ने पुणे में दिया देश विरोधी गतिविधियों को अंजाम पुणे में 'पाकिस्तान जिंदाबाद', 'अल्लाहु अकबर', 'नारा-ए-तकबीर' जैसा विवादास्पद नारा लगाया पीएफआई समर्थक एनआईए द्वारा संगठन के खिलाफ की गई राष्ट्रव्यापी छापे का विरोध कर रहे थे

पुणे: पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) ने पुणे में सुरक्षा एजेंसियों द्वारा देशभर में 100 से अधिक पीएफआई सदस्यों की गिरफ्तारी के विरोध में रैली निकाली, जिसके बारे में कुछ मीडिया रपट में दावा किया गया कि पीएफआई के सदस्यों ने गिरफ्तारी के वक्त पाकिस्तान जिंदाबाद का नारा लगाया। वहीं कुछ अन्य मीडिया संस्थानों ने दावा किया कि गिरफ्तार किए गए सदस्यों ने पाकिस्तान जिंदाबाद नहीं बल्कि पापुलर फ्रंट जिंदाबाद का नारा लगाया था।

जानकारी के मुताबिक पीएफआई समर्थकों ने यह नारा तब लगाया जब विरोध रैली पुणे जिला कलेक्ट्रेट के सामने से गुजर रही थी। पीएफआई सदस्य 22 सितंबर को राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) द्वारा संगठन के खिलाफ की गई राष्ट्रव्यापी छापे और पुणे के कोंढवा में पीएफआई कार्यालय की तलाशी का विरोध कर रहे थे। आरोप है कि विरोध प्रदर्शन के दौरान कथित तौर से पीएफआई समर्थकों ने 'पाकिस्तान जिंदाबाद', 'अल्लाहु अकबर', 'नारा-ए-तकबीर' जैसे विवादास्पद नारा लगाया।

बताया जा रहा है कि पीएफआई सदस्यों ने पुणे कलेक्ट्रेट के सामने एनआईए के छापेमारी के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन कर रहे थे, तभी कुथ सदस्य भारी पुलिस की मौजूदगी में कलेक्ट्रेट दफ्तर के सामने 'पाकिस्तान जिंदाबाद' का नारा लगाने लगे। जब तक पुलिस नारा लगाने वालों के खिलाफ एक्टिव होती, प्रदर्शनकारी 'अल्लाहु अकबर' और 'नारा ए तकबीर' जैसे इस्लामी नारे भी लगाने लगे। 

पुलिस ने फौरन सख्ती दिखाते हुए 41 प्रदर्शनकारियों को तुरंत हिरासत में लिया और उन्हें पुलिस वाहनों में ठूंस दिया। इतना ही नहीं पुणे पुलिस ने जिला कलेक्टर कार्यालय के सामने अवैध रूप से जमा होने और नारेबाजी करने के आरोप में लगभग 60-70 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पुलिस के अनुसार पीएफआई का विरोध-प्रदर्शन अनाधिकृत था क्योंकि इसके लिए पीएफआई ने पूर्व में अनुमति नहीं ली थी।

मालूम हो कि एनआईए ने पीएफआई के खिलाफ देशव्यापी छापेमारी की। जिसमें तिरुवनंतपुरम, कोल्लम, पठानमथिट्टा, अलाप्पुझा, एर्नाकुलम, कोझीकोड और वायनाड सहित सुरक्षा एजेंसियों के निशाने पर देश के कई जिले थे।

एनआईए ने टेरर फंडिंग, मनी लॉन्ड्रिंग और आतंकवाद रोधी कानून के तहत पीएफआई अध्यक्ष ओएमए सलाम सहित केरल पीएफआई के वरिष्ठ अधिकारियों को गिरफ्तार किया है। जिसमें केरल पीएफआई प्रमुख सीपी मोहम्मद बशीर, पीएफआई के राष्ट्रीय सचिव वीपी नज़रुद्दीन और राष्ट्रीय परिषद सदस्य प्रोफेसर पी कोया शामिल हैं। 

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