MP: Violent beating of auto rickshaw driver over mask, Human Rights Commission summoned report | मप्र : मास्क को लेकर ऑटो रिक्शा चालक की बर्बर पिटाई, मानवाधिकार आयोग ने तलब की रिपोर्ट
मप्र : मास्क को लेकर ऑटो रिक्शा चालक की बर्बर पिटाई, मानवाधिकार आयोग ने तलब की रिपोर्ट

इंदौर (मध्य प्रदेश), सात अप्रैल कोविड-19 से बचाव के लिए कथित तौर पर ठीक से मास्क नहीं लगाने को लेकर विवाद के बाद यहां 35 वर्षीय ऑटो रिक्शा चालक को दो पुलिस आरक्षकों द्वारा बुरी तरह पीटे जाने के वाकये ने बुधवार को तूल पकड़ लिया। राज्य मानवाधिकार आयोग ने इंदौर के पुलिस महानिरीक्षक से दो सप्ताह के भीतर मामले में रिपोर्ट तलब की है।

आयोग के एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति नरेंद्र कुमार जैन ने ऑटो रिक्शा चालक कृष्णकांत कुंजीर (35) से पुलिस कर्मियों के कथित अमानवीय बर्ताव से जुड़ी मंगलवार की घटना का, मीडिया की खबरों के आधार पर संज्ञान लिया।

घटना के वायरल हुए वीडियो में दो पुलिस आरक्षक ऑटो रिक्शा चालक को सड़क पर गिराकर बुरी तरह पीटते दिखाई दे रहे हैं तथा चालक का किशोर बेटा और उसके परिवार की महिलाएं पुलिसकर्मियों से रहम की भीख मांगती नजर आ रही हैं।

इस बीच, ऑटो रिक्शा चालक कुंजीर ने संवाददाताओं से कहा कि परदेशीपुरा क्षेत्र में दो पुलिसकर्मियों ने उन्हें उस वक्त बुरी तरह पीटा, जब वह एक स्थानीय अस्पताल में भर्ती अपने पिता को भोजन देने जा रहे थे। कुंजीर ने कहा, "मैंने (कोविड-19 से बचाव के लिए) मास्क लगा रखा था। लेकिन यह मेरी नाक से थोड़ा नीचे था। इस बात पर दो आरक्षकों ने मुझे रोका और उनके साथ पुलिस की गाड़ी में बैठकर तुरंत थाने चलने को कहा।"

उन्होंने कहा, "जब मैंने अपने पिता के बीमार होने का हवाला देते हुए कुछ देर की मोहलत मांगी, तो पुलिस आरक्षकों ने मेरे साथ गाली-गलौज की और मुझे बेरहमी से पीटना शुरू कर दिया।"

कुंजीर ने कहा कि पिटाई के दौरान एक पुलिसकर्मी ने उनके गले में बंधे दो ताबीज पकड़ लिए जिनके धागे कसने के कारण वह दम घुटने से छटपटाए और जान बचाने के लिए उन्हें कड़ा संघर्ष करना पड़ा।

गौरतलब है कि घटना का वीडियो वायरल होने के तत्काल बाद दोनों पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया था।

बहरहाल, पुलिस अधीक्षक (पूर्वी क्षेत्र) आशुतोष बागरी का दावा है कि कुंजीर ने मास्क नहीं पहन रखा था और दोनों पुलिसकर्मियों ने उन्हें रोका, तो उन्होंने पुलिसकर्मियों से हुज्जत करते हुए उनकी कॉलर पकड़ी, उनके साथ गाली-गलौज और मारपीट की कोशिश शुरू कर दी।

उन्होंने कहा, "घटना का जो वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, वह काट-छांट कर तैयार किया गया है ताकि पुलिस की छवि खराब की जा सके।"

बागरी ने कहा, "हम मामले की निष्पक्ष जांच कर रहे हैं। अगर दोनों पुलिसकर्मी इसमें दोषी पाए जाते हैं, तो हम उनके खिलाफ बर्खास्तगी की कार्रवाई से भी नहीं चूकेंगे।"

मामले के तूल पकड़ने के बीच बुधवार को बड़ी तादाद में ऑटो रिक्शा चालक परदेशीपुरा पुलिस थाने पहुंचे और मांग की कि कुंजीर को पीटने की घटना की जांच प्रशासन के किसी मजिस्ट्रेट से कराई जाए।

इंदौर ऑटो रिक्शा चालक महासंघ के संस्थापक राजेश बिड़कर ने कहा, "पुलिस कर्मियों की बर्बर पिटाई के शिकार कुंजीर को शरीर के कई भागों पर चोट आई है। लेकिन अब तक उनकी मेडिकल जांच तक नहीं कराई गई है ताकि बाद में मामले पर लीपापोती की जा सके।

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Web Title: MP: Violent beating of auto rickshaw driver over mask, Human Rights Commission summoned report

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