लाइव न्यूज़ :

दलितों से जुड़े विधेयक को मोदी कैबिनेट की मंजूरी, सहयोगी दलों ने किया स्वागत

By भाषा | Updated: August 2, 2018 05:21 IST

एससी एसटी कानून के मूल प्रावधान को बहाल करने के प्रस्ताव को मंत्रिमंडल की मंजूरी

Open in App

नई दिल्ली, 2 अगस्तः केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचारों की रोकथाम) कानून के मूल प्रावधानों को बहाल करने संबंधी विधेयक को आज मंजूरी दी। भाजपा नीत राजग सरकार के इस कदम को दलितों की इस मूल मांग के पक्ष में नौ अगस्त को देशव्यापी प्रदर्शन के प्रस्ताव को शांत करने के तौर पर देखा जा रहा है। 

यह विधेयक किसी भी अदालती आदेश से प्रभावित हुए बिना बावजूद एससी/एसटी के खिलाफ अत्याचार के आरोपी व्यक्ति को अग्रिम जमानत के किसी भी प्रावधान को खारिज करता है। इसमें यह भी व्यवस्था है कि आपराधिक मामला दर्ज करने के लिए कोई प्रारंभिक जांच की जरूरत नहीं है । साथ ही इस कानून के तहत गिरफ्तारी के लिए किसी प्रकार की मंजूरी की जरूरत नहीं है।

दलित संगठन सरकार से उच्चतम न्यायालय के 20 मार्च के फैसले को पलटने की मांग कर रहे थे । उनका कहना था कि समाज के कमजोर तबके पर अत्याचार के खिलाफ इस कानून में आरोपी की गिरफ्तारी पर अतिरिक्त बचाव ने इस कानून को कमजोर और शक्तिहीन बना दिया है। 

भाजपा तथा राजग के सहयोगी दलों के अनेक दलित नेताओं ने भी उच्चतम न्यायालय के आदेश को पलटने के लिए आवशयक कदम उठाने की मांग का समर्थन किया था। लोक जनशक्ति पार्टी के अध्यक्ष राम विलास पासवान ने विधेयक को ‘‘ऐतिहासिक’’ करार देते हुए संवाददाताओं से कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में संशोधित विधेयक को मंजूरी दी गई और इसे संसद के इसी सत्र में पेश किए जाने की संभावना है।

राष्ट्रीय लोक समता पार्टी (रालोसपा) प्रमुख एवं केन्द्रीय मंत्री उपेन्द्र कुशवाहा ने कहा कि यह विधेयक प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की समाज के वंचित एवं शोषित वर्ग को न्याय दिलाने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

लोजपा प्रमुख के बेटे चिराग पासवान ने प्रधानमंत्री का शुक्रिया अदा किया। इससे पहले, उन्होंने कहा था कि उनकी पार्टी के कार्यकर्ता नौ अगस्त को दलित संगठनों के देशव्यापी प्रदर्शन में हिस्सा ले सकते हैं।

लोजपा और रालोसपा जैसी भाजपा की सहयोगी पार्टियां उच्चतम न्यायालय के 20 मार्च के आदेश को पलटने के लिए एक विधेयक लाने की मांग कर रही थी। भाजपा सांसद एवं दलित नेता उदित राज ने कहा कि कैबिनेट का फैसला स्वागत योग्य है।

विशेष रिपोर्ट और देश-दुनिया की ताज़ा खबरों के लिए यहाँ क्लिक करें. यूट्यूब चैनल यहाँ सब्सक्राइब करें और देखें हमारा एक्सक्लूसिव वीडियो कंटेंट!

टॅग्स :एससी-एसटी एक्टमोदी सरकार
Open in App

संबंधित खबरें

भारतTamil Nadu Election 2026: क्या CBSE का नया सिलेबस भाषा विवाद की जड़? सीएम स्टालिन ने कहा- "भाषा थोपने का सुनियोजित प्रयास"

भारतImport Duty Cut: सरकार ने आज से 41 वस्तुओं पर हटाया आयात शुल्क, चेक करें पूरी लिस्ट

भारतऊर्जा संकट में भी आत्मविश्वास कायम रहने का क्या है राज ?

भारतBihar News: राज्य अधिकारियों ने दिया अपनी संपत्ति का ब्योरा, जानें सबसे ज्यादा अमीर कौन?

कारोबारNew Labour Code: नौकरीपेशा लोगों के लिए बड़ी खबर, 1 अप्रैल से लागू हुए नए नियम, ओवरटाइम और PF में हुए ये बदलाव

भारत अधिक खबरें

भारत'Three Allegations, Zero Truth': आम आदमी पार्टी द्वारा राज्यसभा की भूमिका से हटाए जाने के बाद राघव चड्ढा का जवाब

भारतMadhya Pradesh: अनूपपुर ज़िले में चार-मंज़िला होटल गिरने से मलबे में कई लोगों के फँसे होने की आशंका, एक की मौत

भारततमिलनाडु चुनावों के लिए BJP का टिकट न मिलने के बाद अन्नामलाई ने दिया अपना स्पष्टीकरण

भारतलखनऊ सहित यूपी के 17 शहरों में कूड़े का अंबार?, मतदान करने असम गए हजारों सफाईकर्मी, 12 अप्रैल को लौंटेगे?

भारतबारामती विधानसभा सीटः सुनेत्रा पवार के खिलाफ प्रत्याशी ना उतारें?, सीएम देवेंद्र फडणवीस ने कहा- निर्विरोध जिताएं, सभी दलों से की अपील